महिलाओं के सम्मान के लिए केंद्र सरकार ने बुलाया विशेष सत्र: मनन मिश्रा

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महिलाओं के सम्मान के लिए केंद्र सरकार ने बुलाया विशेष सत्र: मनन मिश्रा

सारांश

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा हेतु संसद का विशेष सत्र बुलाया है। भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने सरकार की कोशिशों की प्रशंसा की और कहा कि यह महिलाओं के सम्मान को महत्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक मंच पर सशक्त बनाना है।
  • विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा।
  • मनन मिश्रा ने सरकार की पहल की सराहना की है।
  • आरक्षण 2029 से लागू होगा जो महिलाओं की हिस्सेदारी को बढ़ाएगा।
  • मायावती का समर्थन इस बिल को राजनीतिक मान्यता देता है।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा हेतु संसद का विशेष सत्र आयोजित किया है। भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने बुधवार को बिल की सराहना की और कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।

मनन मिश्रा ने महिला आरक्षण बिल पर संसद के इस विशेष सत्र का समर्थन करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। 2023 में पारित किए गए कानून में जो खामियां रह गई थीं, उन्हें दूर करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का यह विशेष सत्र बुलाया गया है।"

उन्होंने आगे बताया, "इस सत्र में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे, ताकि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके। यह आरक्षण 2029 से लागू होगा, जिससे महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी में वृद्धि होगी। सरकार महिलाओं को सम्मान देने के लिए यह सत्र आयोजित कर रही है।"

भाजपा सांसद ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती की प्रशंसा करते हुए कहा, "उन्होंने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है। जो भी समझदार राजनेता होगा, वह इस बिल का स्वागत करेगा, जबकि कांग्रेस का कोई दृष्टिकोण नहीं है। वह लगातार लोगों की नजरों में गिरती जा रही है। उन्हें केवल विरोध करना है। मायावती इस बात को समझ रही हैं। समझदार नेता इसका समर्थन करेंगे। यह बिल देश को मजबूत बनाने में सहायक होगा।"

इसके अतिरिक्त, उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने गलत किया है और उनके खिलाफ दर्ज मामले में पर्याप्त सबूत हैं।

मनन मिश्रा ने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कहा, "पवन खेड़ा ने गलत किया है। उनके खिलाफ जो भी केस बना है, उसमें सामग्री है। ट्रांजिट बेल का कोई सवाल ही नहीं था, ऑर्डर गलत हुआ था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने सब कुछ जांचने के बाद उस ऑर्डर को रद्द कर दिया।"

मनन मिश्रा ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "भाजपा ईमानदारी से चाहती है कि टीएमसी के भ्रष्टाचार और दमन से त्रस्त बंगाल के लोगों को मुक्ति मिले। पीएम मोदी ने बंगाल के लोगों से अपील की है कि वे समझदारी का उपयोग करें और भाजपा को मौका दें, ताकि राज्य में विकास हो, भ्रष्टाचार समाप्त हो और लोगों का कल्याण सुनिश्चित हो।"

Point of View

हालांकि कांग्रेस के प्रति उनकी आलोचना इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद को भी दर्शाती है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण बिल का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना है।
यह विशेष सत्र कब आयोजित किया जा रहा है?
यह विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल, 2023 तक आयोजित किया जा रहा है।
मनन मिश्रा ने इस बिल के बारे में क्या कहा?
मनन मिश्रा ने कहा कि यह बिल महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्राथमिकता है।
इस बिल का प्रभाव कब से लागू होगा?
यह आरक्षण 2029 से लागू होगा।
कौन से प्रमुख नेता ने इस बिल का समर्थन किया है?
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने इस बिल का समर्थन किया है।
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