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क्या महिला एवं बाल विकास मंत्रालय शुरू करेगा 100 दिन का बाल विवाह मुक्त भारत अभियान?

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क्या महिला एवं बाल विकास मंत्रालय शुरू करेगा 100 दिन का बाल विवाह मुक्त भारत अभियान?

सारांश

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बाल विवाह मुक्त भारत के लिए 100 दिन का जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस अभियान की विशेषताएँ और इसके द्वारा क्या बदलाव लाने की योजना है।

मुख्य बातें

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का आरंभ।
यह अभियान 100 दिन तक चलेगा।
सामाजिक जागरूकता के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।
बाल विवाह को समाप्त करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति।
समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपेक्षा।

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बाल विवाह को समाप्त करने के लिए गुरुवार से 100 दिन का महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान आरंभ करने का निर्णय लिया है। इस अभियान का उद्घाटन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में बाल विवाह मुक्त भारत के राष्ट्रीय मिशन के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी मौजूद रहेंगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 27 नवंबर 2024 को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी, और अब यह एक साल का सफर पूरा कर चुका है।

गुरुवार के कार्यक्रम में एक खास फिल्म प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें देशभर से प्रेरणादायक कहानियाँ और बदलाव लाने वाले फ्रंटलाइन चैंपियंस के अनुभव साझा किए जाएंगे। इस फिल्म के माध्यम से भारत में बाल विवाह के खिलाफ उठाए गए कदम और उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा।

यह 100 दिन का अभियान एक तीन-स्तरीय रणनीति के तहत संचालित होगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों और समुदायों में जागरूकता फैलाना है।

पहला चरण 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें डिबेट, निबंध प्रतियोगिता और शपथ ग्रहण समारोह जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।

दूसरा चरण 31 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें धार्मिक नेताओं, सामुदायिक प्रभावकारों और विवाह सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश फैलाया जाएगा।

तीसरा और अंतिम चरण 1 फरवरी से 8 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के सहयोग से स्थानीय स्तर पर बाल विवाह मुक्त क्षेत्र घोषित करने के प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।

यह अभियान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, पंचायती राज, ग्रामीण विकास और शिक्षा मंत्रालयों के सहयोग से चलाया जाएगा। मंत्रालय ने नागरिकों, संस्थाओं और सामुदायिक नेताओं से अपील की है कि वे इस मुहिम में शामिल होकर बाल विवाह को समाप्त करने के भारत के संकल्प को मजबूती से पूरा करने में सहयोग करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में भी एक कदम है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाना आवश्यक है। यह कदम भारत को एक बेहतर और सुरक्षित देश बनाने की ओर अग्रसर करेगा।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह को समाप्त करना और समाज में जागरूकता फैलाना है।
कब से यह अभियान शुरू होगा?
यह अभियान गुरुवार से शुरू होगा और 100 दिन तक चलेगा।
इसमें कौन-कौन से कार्यक्रम शामिल होंगे?
इसमें डिबेट, निबंध प्रतियोगिताएँ, और शपथ ग्रहण समारोह जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
क्या इस अभियान में कोई फिल्म दिखाई जाएगी?
हाँ, इस कार्यक्रम में बाल विवाह के खिलाफ प्रेरणादायक कहानियों वाली एक विशेष फिल्म प्रस्तुत की जाएगी।
इस अभियान में किसका सहयोग होगा?
यह अभियान स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के सहयोग से चलाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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