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महिलाओं का साहस: 'भारती-नारी से नारायणी' में ऑपरेशन सिंदूर की गूंज

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महिलाओं का साहस: 'भारती-नारी से नारायणी' में ऑपरेशन सिंदूर की गूंज

सारांश

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 'भारती-नारी से नारायणी' कार्यक्रम में बीएसएफ की महिला कांस्टेबलों को ऑपरेशन सिंदूर के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्षम हैं।

मुख्य बातें

महिलाएं हर भूमिका निभा सकती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मन को मजबूत जवाब दिया।
बीएसएफ की महिला कांस्टेबलों का साहस प्रेरणादायक है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को सम्मानित किया गया।
महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों में डटकर मुकाबला किया।

नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजधानी दिल्ली में रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 'भारती-नारी से नारायणी' कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर की गूंज सुनाई दी। इस कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने वाली बीएसएफ महिला कॉन्स्टेबलों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला कांस्टेबलों ने ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जो सम्मान उन्हें प्राप्त हुआ है, वह अपने देश और वरिष्ठ अधिकारियों को समर्पित करती हैं।

बीएसएफ कांस्टेबल कमला ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करना उनके लिए गर्व की बात है।

ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में बीएसएफ कांस्टेबल ने कहा कि सीमा पर परिस्थिति बहुत तनावपूर्ण थी। उन्हें परिवार के साथ बटालियन हेडक्वार्टर जाने के आदेश मिले थे, लेकिन उन्होंने अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता दी। उन्होंने अपने बच्चों को ससुराल भेजा और तुरंत अपने सीनियर को रिपोर्ट किया। कठिन परिस्थितियों में एक मां का दिल भावुक था, पर एक जवान का हौसला बेहद मजबूत था। उन्होंने कहा कि हमें 10 मई 2025 को आदेश मिला था कि सभी जवानों को दुश्मन देश की हर गतिविधि पर नजर रखनी है। हमारे द्वारा समय पर दी गई जानकारी के आधार पर दुश्मन के बंकर को ध्वस्त किया जा सका।

उन्होंने कहा कि उस दौरान स्थिति बहुत तनावपूर्ण थी। फिर भी, हमने अपनी ड्यूटी को पूरी मुस्तैदी से निभाया। सच बताऊं, फायरिंग के दौरान एक पल के लिए भी हमें अपने परिवार का ख्याल नहीं आया। हमारे मन में एक ही विचार था कि दुश्मन को कड़ा सबक सिखाना है। इस खास मौके पर मैं कहना चाहती हूं कि महिलाएं हर भूमिका में सक्षम हैं, चाहे वह परिवार की देखभाल हो या देश की सुरक्षा। जय हिंद।

काजल ने कहा कि दो साल की ट्रेनिंग के बाद उन्हें ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने का मौका मिला। उस दौरान वे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर, जम्मू में थीं। हमें निर्देश दिया गया था कि हम पाकिस्तान की गतिविधियों पर ध्यान दें और रिपोर्ट करें। उस समय पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी हुई, लेकिन हम भी डटे रहे और पाकिस्तान की योजनाओं को विफल किया। आज के इस कार्यक्रम में मिले सम्मान के लिए मैं अपनी टीम को धन्यवाद देती हूं।

एक अन्य महिला बीएसएफ कांस्टेबल ने कहा कि साहस और हौसला हो तो महिलाएं हर चुनौती का सामना कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताता है कि वे देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बीएसएफ की महिला कांस्टेबलों ने अपने साहस और बलिदान से यह साबित किया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक सुरक्षा अभियान है, जिसमें बीएसएफ ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों का जवाब दिया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की भूमिका और साहस को मान्यता देना था।
महिलाओं ने किस तरह से अपने अनुभव साझा किए?
महिलाओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया, जिसमें कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करने की बात की।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से लोग शामिल थे?
कार्यक्रम में बीएसएफ की महिला कांस्टेबल और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
यह कार्यक्रम कब आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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