क्या ममता बनर्जी खेल रही हैं विक्टिम कार्ड? जानिए प्रवीण खंडेलवाल का बयान
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह राजनीतिक नौटंकी है।
- जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
- समाजवादी पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए हैं।
- न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर भरोसा जताया गया है।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम विक्टिम कार्ड खेल रही हैं। भाजपा सांसद ने यह प्रतिक्रिया कोलकाता में आईपैक कार्यालय पर ईडी की रेड के बाद की।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि ममता बनर्जी का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। यदि कोई कंपनी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती है, जिनमें इसकी भूमिका संदिग्ध मानी जाती है, तो सरकारी विभागों की जिम्मेदारी बनती है कि वे वहां जाकर मामले की जांच करें।
यह बहुत अजीब है कि पहली बार ऐसा हो रहा है, जब कोई विभाग रेड कर रहा हो और प्रदेश की मुख्यमंत्री खुद पुलिस कमिश्नर को लेकर रेड में बाधा डाल रही हों। आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे, जिन्हें ईडी की गिरफ्त से छुड़ाकर ले जाया गया। यह मामला बहुत गंभीर है और इसमें कई लूपहोल हैं। ममता बनर्जी इन दस्तावेजों को सामने नहीं आने देना चाहतीं और शिकायत करके विक्टिम कार्ड खेल रही हैं।
टीएमसी सांसदों के प्रदर्शन पर भाजपा सांसद ने कहा कि यह राजनीतिक नौटंकी है। ममता बनर्जी के इशारे पर उनके सांसदों ने प्रदर्शन किया। यदि कोई समस्या है तो समय लीजिए और अपनी बात गृहमंत्री तक रखें।
समाजवादी पार्टी का जिक्र करते हुए सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि सपा अपने राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रही है। जिस तरह से पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, सपा के नेताओं की ओर से कोई बयान नहीं आया। मुझे लगता है कि सपा का कानून व्यवस्था में विश्वास नहीं है।
लैंड फॉर जॉब्स मामले पर भाजपा सांसद ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए, इसका मतलब है कि जांच एजेंसी के पास पक्के सबूत थे। उन्हीं सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जिनके खिलाफ सबूत नहीं थे, उन्हें कोर्ट ने जमानत दी है। लेकिन जमानत मिलने का यह मतलब नहीं है कि वे आरोपों से पूरी तरह बरी हो गए हैं। हमारी न्याय व्यवस्था निष्पक्षता से काम कर रही है।
यूपी एसआईआर को लेकर भाजपा सांसद ने विपक्षी दलों को जवाब देते हुए कहा कि एसआईआर जहां भी हो रहे हैं, वोटर लिस्ट की वास्तविकता सामने आ रही है कि कैसे अवैध घुसपैठियों को वोटर लिस्ट में रखा गया था। एसआईआर के जरिए सभी को निकाला जा रहा है। इससे विपक्ष को समस्या क्यों हो रही है?