क्या पश्चिम बंगाल में एक अराजक सरकार काम कर रही है? मंगल पांडेय का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- लोकतंत्र के हितों का उल्लंघन हो रहा है।
- महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
- टीएमसी सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ रहा है।
- चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं।
पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मंगल पांडेय ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में वहां एक अराजक शासन संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य आम जनता को परेशान करना और घुसपैठियों को संरक्षण देना है।
मंत्री मंगल पांडेय ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्य लक्ष्य उन सभी को रोकना है जो लोकतंत्र के हित में आवाज उठाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी अपने समर्थकों को भड़काकर और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर लोगों को डराने का प्रयास कर रही हैं, जिससे एसआईआर की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में एसआईआर का विरोध किया जा रहा है। जिस प्रकार से ये लोग बिहार में एसआईआर को लेकर झूठे बयान देते थे, आज वही स्थिति पश्चिम बंगाल में भी है। लेकिन वहां की जनता सच जानती है। चुनाव आयोग ने बिहार में जिस तरह से कार्य किया, वैसा ही कार्य पश्चिम बंगाल में भी हो रहा है।"
मंगल पांडेय ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भरोसा जताया, लेकिन कहा कि ममता बनर्जी कभी भी संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास नहीं करतीं और सत्ता में बने रहने के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाने से नहीं चूकतीं।
उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर, विकास, भ्रष्टाचार, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर टीएमसी सरकार विफल रही है। पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा है। उन्होंने कहा कि इस बार लोग टीएमसी सरकार को बाहर करने का निर्णय ले चुके हैं।