8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जालंधर बंध: थायरॉयड और एकाग्रता के लिए लाभकारी विधि जानें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जालंधर बंध: थायरॉयड और एकाग्रता के लिए लाभकारी विधि जानें

सारांश

क्या आप जानते हैं कि जालंधर बंध थायरॉयड ग्रंथि को सक्रिय करने और ध्यान को बढ़ाने में मदद कर सकता है? जानें इसे सही तरीके से करने की विधि।

मुख्य बातें

जालंधर बंध का अभ्यास मानसिक शांति लाता है।
यह थायरॉयड ग्रंथि को सक्रिय करता है।
सही आसन में बैठकर इसे करना आवश्यक है।
नियमित अभ्यास से एकाग्रता में वृद्धि होती है।
इसका अभ्यास श्वसन प्रणाली को संतुलित करता है।

नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जालंधर बंध (चिन लॉक) योग की एक महत्वपूर्ण विधि है। यह विशेष रूप से प्राणायाम और ध्यान के समय किया जाता है और विश्वास किया जाता है कि इससे मन को शांति मिलती है, एकाग्रता में वृद्धि होती है, और शरीर के कुछ महत्वपूर्ण अंग बेहतर तरीके से कार्य करते हैं।

कई योग विशेषज्ञ बताते हैं कि इस बंध का नियमित अभ्यास गले के आस-पास के क्षेत्रों को सक्रिय करता है, जिससे थायरॉयड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही यह श्वसन प्रणाली को भी संतुलित रखने में मदद करता है। हालांकि, किसी भी योग अभ्यास की तरह, इसे सही तरीके और सावधानी के साथ करना आवश्यक है।

जालंधर बंध करने की प्रक्रिया बहुत जटिल नहीं है, लेकिन इसे धीरे-धीरे सीखने की सलाह दी जाती है। सबसे पहले, आप किसी शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठें। आप पद्मासन, वज्रासन या सुखासन में से कोई भी आरामदायक आसन चुन सकते हैं। बैठते समय अपनी पीठ को सीधा रखें ताकि शरीर का संतुलन बना रहे। फिर अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। अब धीरे-धीरे गहरी सांस लें और उसे कुछ सेकंड के लिए रोकें। फिर अपनी ठोड़ी को नीचे की ओर झुकाएं और उसे अपनी छाती या हंसली की हड्डी के पास हल्का सा टिकाने का प्रयास करें।

जब आप इस स्थिति में हों, तो अपने कंधों को ऊपर उठाकर रखें और कोहनियों को सीधा रखने का प्रयास करें। ध्यान दें कि गर्दन पर ज्यादा दबाव न पड़े और आप सहज महसूस करें। जितनी देर तक आरामदायक लगे, उतनी देर इस स्थिति में रहें। शुरुआत में कुछ सेकंड ही पर्याप्त होते हैं। फिर बंध खोलने के लिए धीरे-धीरे सिर को ऊपर उठाएं, कंधों को ढीला छोड़ दें और सामान्य सांस लेना शुरू करें। कुछ समय बाद, आप फिर से इस प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं। नियमित अभ्यास के साथ, आप इसकी अवधि धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं।

योग विशेषज्ञों का मानना है कि जालंधर बंध का नियमित अभ्यास ध्यान को केंद्रित करने में मदद कर सकता है, क्योंकि इससे मन भटकने के बजाय एक जगह पर टिक जाता है। इसके अतिरिक्त, गले के आस-पास रक्त संचार में सुधार होने से थायरॉयड ग्रंथि को भी लाभ मिल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है, बल्कि मानसिक एकाग्रता में भी सुधार करती है। इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है, जो आजकल की व्यस्त जीवनशैली में बेहद आवश्यक है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जालंधर बंध करने का सही समय क्या है?
जालंधर बंध प्रातः काल या ध्यान के समय किया जा सकता है।
क्या जालंधर बंध से थायरॉयड पर असर पड़ता है?
हाँ, नियमित अभ्यास से थायरॉयड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
क्या यह अभ्यास सभी के लिए सुरक्षित है?
यदि आपको कोई चिकित्सा समस्या है, तो पहले चिकित्सक से सलाह लें।
इसका अभ्यास करने में कितना समय लगता है?
शुरुआत में कुछ मिनटों तक करें और धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएं।
क्या यह अभ्यास ध्यान में मदद करता है?
हाँ, यह ध्यान को केंद्रित करने में मदद करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले