मंगलुरु पुलिस कमिश्नर ने फरार आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया
सारांश
Key Takeaways
- रेड कॉर्नर नोटिस का महत्व
- सुलेमान और शमसुद्दीन के गंभीर आरोप
- पुलिस की सक्रियता
- समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता
- सूचना देने पर पुरस्कार की संभावना
मंगलुरु, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर ने विदेश में भागे हुए दो आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। यह नोटिस कुशालनगर के सुलेमान उर्फ समीर और शमसुद्दीन उर्फ अल्ताफ के खिलाफ है।
सुलेमान उर्फ समीर पर वर्ष 2013 में डेरलकट्टे में एक छात्र जोड़े का अपहरण करने का आरोप है। उस पर आरोप है कि उसने छात्र पर क्रूरता से हमला किया और छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वह उर्वा पुलिस थाने के एक एसआई की हत्या की कोशिश के मामले में भी आरोपी है। कुल मिलाकर, उसके खिलाफ 14 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 7 मामले धारा 307 (हत्या की कोशिश) के तहत हैं। कुछ मामलों में उसे बरी कर दिया गया है।
शमसुद्दीन उर्फ अल्ताफ ने 2008 में अपने साथियों के साथ मिलकर, कथित तौर पर पावंजे पुल से प्रवीण नामक एक व्यक्ति का अपहरण किया। उसके साथ मारपीट की गई, उसकी गाड़ी और कीमती सामान लूट लिए गए, और उसे कलावारू के पास एक पत्थर की खदान में ले जाकर छोड़ दिया गया।
शमसुद्दीन और उसके साथियों ने उसे खदान के गड्ढे में डुबोकर, उसके शरीर पर पत्थर बांध दिए और सबूत मिटाने के लिए उसे पानी में डाल दिया। बाद में, शमसुद्दीन ने अपना नाम बदलकर शेख मोहम्मद सादिक रख लिया, इस नई पहचान के तहत पासपोर्ट बनवाया, और विदेश भाग गया।
पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने कहा कि जो कोई भी इन दोनों व्यक्तियों के बारे में सूचना देगा, उन्हें विदेश में ही हिरासत में लिया जाएगा। उनके खिलाफ भारत और संबंधित देशों में लागू कानूनों के तहत मामले भी चलाए जाएंगे।