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मणिपुर: ज़ोमी काउंसिल ने वुंगजागिन वाल्टे पर हमले की सीबीआई जांच को प्राथमिकता देने की अपील की

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मणिपुर: ज़ोमी काउंसिल ने वुंगजागिन वाल्टे पर हमले की सीबीआई जांच को प्राथमिकता देने की अपील की

सारांश

मणिपुर की ज़ोमी काउंसिल ने वुंगजागिन वाल्टे पर हुए जानलेवा हमले की सीबीआई जांच को तेजी से पूरा करने की मांग की है। क्या केंद्र सरकार इस मामले में न्याय सुनिश्चित कर पाएगी? जानिए इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

ज़ोमी काउंसिल ने सीबीआई जांच की तेज़ी की मांग की है।
वुंगजागिन वाल्टे का निधन 21 फरवरी को हुआ था।
हमला 4 मई 2023 को हुआ था।
राजनीतिक उपेक्षा का संकेत।
ज़ो पहाड़ी जनजातियों के लिए न्याय और सुरक्षा की आवश्यकता।

इंफाल, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के चुराचांदपुर जिले की प्रमुख जनजातीय संस्था ज़ोमी काउंसिल ने केंद्र सरकार से भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे पर हुए घातक हमले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच को जल्द और समयबद्ध रूप से पूरा करने की अपील की है।

काउंसिल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित एक ज्ञापन चुराचांदपुर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रस्तुत किया। ज्ञापन में कहा गया कि 21 फरवरी को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में वाल्टे के निधन के बाद से न्याय की दिशा में कोई ठोस और स्पष्ट प्रगति नहीं हुई है।

वुंगजागिन वाल्टे मणिपुर विधानसभा में थानलोन विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक थे। ज़ोमी काउंसिल ने कहा कि वाल्टे केवल ज़ोमी समुदाय के प्रतिनिधि नहीं थे, बल्कि वे ज़ो लोगों, जिनमें कुकी, ज़ोमी, मिजो और हमर जनजातियां शामिल हैं, की एक सम्मानित और सशक्त आवाज़ थे।

काउंसिल के अध्यक्ष वुम्सुआन नाउलक और महासचिव पाउनेहलाल द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कहा गया है कि लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो समयबद्ध अभियोजन किया गया है और न ही दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यह देरी राजनीतिक उपेक्षा को दर्शाती है और राज्य व्यवस्था में पहाड़ी जनजातियों के हाशियाकरण की ओर इशारा करती है।

ज्ञापन में केंद्र सरकार से ज़ो पहाड़ी जनजातियों की राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ठोस संवैधानिक और प्रशासनिक उपाय करने की अपील भी की गई है, ताकि उन्हें वास्तविक राजनीतिक स्वायत्तता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस बीच, मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने मंगलवार को चुराचांदपुर जिले में दिवंगत नेता के आवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र और शॉल अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 21 फरवरी को दिल्ली पहुंचकर गुरुग्राम स्थित निजी अस्पताल में वाल्टे को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

उल्लेखनीय है कि 4 मई 2023 को इंफाल में जातीय हिंसा के दौरान वुंगजागिन वाल्टे पर उस समय हमला किया गया था, जब वह तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ बैठक से लौट रहे थे। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और आंशिक लकवा हो गया था। उनके चालक की भी इस हमले में मृत्यु हो गई थी।

स्वास्थ्य बिगड़ने पर 8 फरवरी को उन्हें इंफाल से एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया और बाद में गुरुग्राम के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 21 फरवरी को उनका निधन हो गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पहाड़ी जनजातियों की राजनीतिक आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए भी आवश्यक है। मणिपुर में इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करती हैं, और राज्य व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वुंगजागिन वाल्टे पर हमला कब हुआ था?
वुंगजागिन वाल्टे पर हमला 4 मई 2023 को हुआ था।
ज़ोमी काउंसिल ने किससे ज्ञापन सौंपा?
ज़ोमी काउंसिल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपा।
वाल्टे का निधन कब हुआ?
वाल्टे का निधन 21 फरवरी को हुआ।
काउंसिल ने सीबीआई जांच की अपील क्यों की?
काउंसिल ने सीबीआई जांच की अपील इसलिए की क्योंकि अब तक न्याय की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
इस घटना का राज्य की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह घटना पहाड़ी जनजातियों के हाशियाकरण को उजागर करती है और राजनीतिक आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए आवश्यक सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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