भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने मणिपुर के युवक को 9mm कारतूस के साथ पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
सशस्त्र सीमा बल (SSB) की बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम ने 15 अक्टूबर 2026 को पानीटंकी स्थित 'न्यू ब्रिज' पर रूटीन जाँच के दौरान मणिपुर के एक 20 वर्षीय युवक को 9mm कारतूस के साथ हिरासत में लिया। आरोपी की पहचान पाओगौलुन हाओकिप के रूप में हुई है, जो मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के मोरेह का रहने वाला है। यह पुल पश्चिम बंगाल के पानीटंकी को नेपाल के काकरभिट्टा से जोड़ता है।
घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी
SSB की टीम भारत-नेपाल सीमा से लगभग 350 मीटर दूर एक एम्बुलेंस की जाँच कर रही थी, जो नेपाल की ओर जा रही थी। सामान की तलाशी के दौरान हाओकिप के बैग से 9mm का एक जीवित कारतूस बरामद हुआ, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया।
कारतूस पर '9mm 2Z KF 20' अंकित था, जो इंगित करता है कि इसे महाराष्ट्र के पुणे के निकट किरकी स्थित गोला-बारूद कारखाने में निर्मित किया गया था। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के प्रतिबंधित बोर के कारतूस केवल पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को जारी किए जाते हैं।
युवक का बयान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
SSB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में हाओकिप ने दावा किया कि वह अपने परिवार के साथ नेपाल के काकरभिट्टा स्थित 'मेची आई हॉस्पिटल' में अपने पिता का इलाज कराने जा रहा था। उसने कहा कि यह कारतूस उसे करीब तीन महीने पहले जमीन पर पड़ा मिला था और उसने इसे उठाकर बैग में रख लिया था।
हाओकिप ने यह भी दावा किया कि उसे यह ज्ञात ही नहीं था कि उसके बैग में यह कारतूस मौजूद है। हालाँकि, अधिकारियों के अनुसार, दावा सच भी हो तो बिना उचित दस्तावेज़ों के प्रतिबंधित गोला-बारूद अपने पास रखने के कारण उस पर कानूनी कार्रवाई अवश्यंभावी है।
मणिपुर की संवेदनशील पृष्ठभूमि
हाओकिप का गृहनगर मोरेह, मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में म्यांमार सीमा पर स्थित है और यह इलाका कथित तौर पर उग्रवादी गतिविधियों के लिहाज़ से संवेदनशील माना जाता है। गौरतलब है कि मणिपुर में पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से भीषण जातीय हिंसा जारी है, जिसमें अब तक 300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
राज्य में कई उग्रवादी गुटों की सक्रियता के बीच पुलिस के शस्त्रागारों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद लूटे जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार इनमें से कुछ बरामद हो चुके हैं, लेकिन बड़ी मात्रा में अभी भी लापता है। इस पृष्ठभूमि में सीमा पार प्रयास कर रहे मणिपुर के किसी निवासी के पास प्रतिबंधित कारतूस मिलना जाँच एजेंसियों के लिए स्वाभाविक रूप से गंभीर सवाल खड़े करता है।
जाँच की स्थिति और अधिकारियों की चेतावनी
वरिष्ठ SSB अधिकारी ने कहा, 'फिलहाल हम किसी नतीजे पर नहीं पहुँच रहे। हाओकिप के बैकग्राउंड की जाँच के लिए सारी जानकारी मणिपुर के अधिकारियों को भेजी जा रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि नेपाल के अधिकारियों को वह कारतूस मिल जाता, तो उस युवक के लिए कहीं अधिक गंभीर कानूनी संकट खड़ा हो सकता था, क्योंकि नेपाल के हथियार-संबंधी कानून अत्यंत कड़े हैं।
अधिकारियों ने नागरिकों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि कहीं पड़ी हुई ऐसी कोई भी वस्तु मिलने पर उसे तुरंत नज़दीकी पुलिस थाने को सूचित किया जाए और उसे अपने पास कदापि न रखा जाए। यह घटना ऐसे समय में आई है जब कुछ ही दिन पहले उसी पानीटंकी क्षेत्र में SSB ने सिक्किम के एक नागरिक को लाइसेंसी .32 बोर पिस्तौल और 49 कारतूस के साथ नेपाल में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा था।
अधिकारियों ने उस मामले में भी स्पष्ट किया था कि भारत में वैध हथियार लाइसेंस होने पर भी किसी अन्य देश में हथियार ले जाने के लिए पूर्व घोषणा और कस्टम चेकपोस्ट पर जमा कराना अनिवार्य है। यह स्पष्ट है कि SSB भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी को लगातार कड़ा कर रहा है।