भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई: सोना-चांदी जब्त, चार गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 2 अक्टूबर 2026 को एक अहम तस्करी-रोधी अभियान में नेपाल की ओर जा रही कार से सोने की छड़ें, सोने-चांदी के सिक्के जब्त किए और चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई पानीटंकी स्थित न्यू मेची ब्रिज पर सुबह करीब 11:40 बजे नियमित जाँच के दौरान हुई।
मुख्य घटनाक्रम
SSB की 41वीं बटालियन की डी कंपनी के जवान रानीडांगा पर तैनात थे, जब सीमा खुफिया दल (BIT) ने एक चांदी रंग की मारुति सुजुकी अर्टिगा को रोका। वाहन में चार व्यक्ति सवार थे और वह भारत से नेपाल की ओर जा रही थी।
सामान की जाँच के दौरान एक यात्री धनजीत पटगिरी (47) के पास रखे बैग में कीमती धातुएँ होने का संदेह हुआ। पूछताछ में चारों यात्री न तो दस्तावेज प्रस्तुत कर सके और न ही संतोषजनक स्पष्टीकरण दे सके, जिसके बाद उन्हें रोक लिया गया।
जब्त सामग्री का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री में लगभग 10 ग्राम वजन की चार सोने की छड़ें, लगभग 20 ग्राम वजन के तीन सोने के सिक्के और 100 ग्राम का एक चांदी का सिक्का शामिल था। वाहन को भी जब्त कर लिया गया।
पटगिरी के अलावा गिरफ्तार अन्य लोगों की पहचान आशीष पोद्दार (33), विकास अग्रवाल (36) और वाहन चालक नबा कुमार रॉय (41) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि अन्य यात्रियों को पटगिरी द्वारा ले जाई जा रही वस्तुओं की जानकारी थी या नहीं।
कानूनी कार्रवाई
यह जब्ती और गिरफ्तारी सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के तहत की गई है। जब्त सामग्री, वाहन और चारों गिरफ्तार व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पानीटंकी स्थित सीमा शुल्क कार्यालय को सौंप दिया गया है।
सीमा की चुनौती और तस्करी का पैटर्न
गौरतलब है कि भारत-नेपाल सीमा एक खुली सीमा है, जहाँ दोनों देशों के नागरिक बिना पासपोर्ट या वीजा के आवागमन कर सकते हैं। SSB के लिए यह एक बड़ी परिचालन चुनौती है, क्योंकि हर व्यक्ति की तलाशी व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि इस समय भारत में सोना और चांदी नेपाल की तुलना में सस्ते हैं, और तस्कर अक्सर इस मूल्य अंतर का फायदा उठाकर कीमती धातुएँ सीमा पार ले जाते और ऊँचे दामों पर बेचते हैं। यह कोई इकलौती घटना नहीं है — SSB इस तरह के मामलों में अब खुफिया जानकारी पर अधिक निर्भर होकर सक्रिय निगरानी कर रहा है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि सीमा सुरक्षा बलों की BIT-आधारित निगरानी प्रणाली किस तरह खुली सीमाओं पर भी तस्करी पर लगाम लगाने में सक्षम हो रही है।