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क्या नेपाल में हिंसा के बीच जेल से भागे 72 कैदी गिरफ्तार हुए?

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क्या नेपाल में हिंसा के बीच जेल से भागे 72 कैदी गिरफ्तार हुए?

सारांश

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जेन-जी युवाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच, एसएसबी ने 72 जेल से भागे कैदियों को गिरफ्तार किया है। जानिए इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और नेपाल की स्थिति पर भारत का क्या कहना है।

मुख्य बातें

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जेन-जी का विरोध प्रदर्शन सक्रिय है।
एसएसबी ने 72 कैदियों को गिरफ्तार किया है।
नेपाल की स्थिति हिंसात्मक हो चुकी है।
भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ युवा प्रदर्शन कर रहे हैं।

नई दिल्ली, 13 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जेन-जी युवाओं के बड़े पैमाने पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेल से भागे कैदियों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने अब तक 72 कैदियों को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया है। इनमें से दो कैदियों को हाल ही में पकड़ा गया है, हालांकि उनकी गिरफ्तारी का सटीक स्थान अभी तक ज्ञात नहीं हुआ है।

एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, ये सभी कैदी नेपाल में हिंसात्मक हालात के दौरान जेल से भाग निकलने में सफल रहे थे और वे भारत-नेपाल सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा बलों ने सीमा पर तैनात चौकियों से उन्हें पकड़ लिया। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल की जेलों से फरार कैदियों की संख्या अब तक 13 हजार से अधिक हो चुकी है, जो भारत की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकती है। भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने गश्त और निगरानी को बढ़ा दिया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और स्थानीय खुफिया तंत्र को भी अलर्ट कर दिया गया है।

आपको यह भी बता दें कि चार सितंबर को नेपाली सरकार ने देश में सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया था। इस निर्णय के खिलाफ जेन-जी ने सड़कों पर उतरकर सरकार के इस कदम का विरोध किया। युवा सिर्फ सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं। इस कारण नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सहित कई मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। दूसरी ओर, जेन-जी युवाओं का कहना है कि जब तक नेपाल भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं होता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

वर्तमान में, नेपाल में युवाओं के विरोध प्रदर्शन के कारण स्थिति अब हिंसात्मक हो चुकी है। यह मुद्दा अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

भारत सरकार ने भी नेपाल में बनी अराजक स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक बयान जारी किया है और कहा है कि वे वहां की स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। सभी वहाँ सुरक्षित रहें।

इसके अलावा, भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने निर्देश में वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सभी अपने घरों में ही रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

नेपाल में हालात चिंताजनक हैं। वहां के नागरिकों का विरोध प्रदर्शन एक गंभीर मुद्दा है जो न केवल नेपाल, बल्कि भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमें नेपाल के युवाओं की आवाज को सुनना चाहिए और इसे एक अवसर के रूप में देखना चाहिए ताकि हम आपसी संबंधों को मजबूत कर सकें।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने कैदी गिरफ्तार किए गए हैं?
अब तक 72 कैदियों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या नेपाल में स्थिति सामान्य है?
नहीं, नेपाल में स्थिति हिंसात्मक हो चुकी है।
भारत सरकार का इस पर क्या कहना है?
भारत सरकार ने नेपाल में बनी अराजक स्थिति पर नज़र बनाए रखी है और नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए कहा है।
राष्ट्र प्रेस
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