27 जुलाई 2026
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भारत-नेपाल सीमा पर चांदी तस्करी: एसएसबी ने जयपुर के शख्स को 500 ग्राम सिल्वर ग्रैन्यूल्स के साथ दबोचा

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भारत-नेपाल सीमा पर चांदी तस्करी: एसएसबी ने जयपुर के शख्स को 500 ग्राम सिल्वर ग्रैन्यूल्स के साथ दबोचा

सारांश

सोनौली बॉर्डर पर एसएसबी की 22वीं बटालियन ने जयपुर के एक शख्स को 500 ग्राम सिल्वर ग्रैन्यूल्स के साथ पकड़ा — नेपाल में ₹20,000 प्रति किलोग्राम के मूल्य-अंतर का फायदा उठाने की कोशिश। जब्त माल और आरोपी नौतनवा कस्टम ऑफिस को सौंपे गए।

मुख्य बातें

एसएसबी की 22वीं बटालियन ने 11 जून 2026 को सोनौली बॉर्डर पर जयपुर (राजस्थान) के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
आरोपी के पास से 500 ग्राम चांदी के दाने (सिल्वर ग्रैन्यूल्स) बरामद हुए, जिन्हें वह काठमांडू, नेपाल ले जाने की कोशिश कर रहा था।
नेपाल में चांदी की कीमत भारत से लगभग ₹20,000 प्रति किलोग्राम अधिक है — यही तस्करी की प्रमुख वजह।
जब्त चांदी और आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए नौतनवा कस्टम ऑफिस को सौंपा गया।
इससे पहले 3 जून को एसएसबी की 41वीं बटालियन ने एक्सपायर्ड वीजा के साथ घुसे बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद मुक्तर हुसैन को भी गिरफ्तार किया था।

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 22वीं बटालियन ने 11 जून 2026 को सोनौली बॉर्डर (भारत-नेपाल सीमा) पर रूटीन चेकिंग के दौरान राजस्थान के जयपुर निवासी एक व्यक्ति को 500 ग्राम अवैध चांदी (सिल्वर ग्रैन्यूल्स) के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी कथित तौर पर यह चांदी नेपाल की राजधानी काठमांडू ले जाने की फिराक में था।

मुख्य घटनाक्रम

एसएसबी जवानों ने महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर पर नियमित जाँच के दौरान संदिग्ध को रोका। तलाशी में उसके पास से 500 ग्राम चांदी के छोटे दाने (सिल्वर ग्रैन्यूल्स) बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह जयपुर का रहने वाला है और इस चांदी को अवैध तरीके से काठमांडू पहुँचाने का प्रयास कर रहा था।

तस्करी की वजह: कीमत का अंतर

अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में चांदी की कीमत भारत की तुलना में लगभग ₹20,000 प्रति किलोग्राम अधिक है। यही मूल्य-अंतर तस्करों को इस मार्ग पर कीमती धातुओं की अवैध आवाजाही के लिए प्रेरित करता है। गौरतलब है कि सोनौली बॉर्डर उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्थित एक व्यस्त अंतरराष्ट्रीय प्रवेश-बिंदु है, जहाँ से व्यापार और पर्यटन दोनों का आवागमन होता है।

आगे की कार्रवाई

जब्त चांदी और गिरफ्तार आरोपी दोनों को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए नौतनवा कस्टम ऑफिस को सौंप दिया गया है। सीमा शुल्क विभाग मामले की आगे जाँच करेगा।

हाल की अन्य कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब एसएसबी इस सीमा पर निगरानी बढ़ा रही है। इससे पहले 3 जून को एसएसबी की 41वीं बटालियन ने रानीडांगा स्थित बीआईटी चेक पोस्ट पर एक्सपायर्ड वीजा के साथ भारत में प्रवेश कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 36 वर्षीय मोहम्मद मुक्तर हुसैन के रूप में हुई थी, जो बांग्लादेश के ढाका जिले के नवाबगंज स्थित मदनमोहनपुर का निवासी था। अधिकारियों के अनुसार, हुसैन 30 अगस्त 2023 को हरिदासपुर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के जरिए भारत आया था और उसका वीजा 23 सितंबर 2023 को समाप्त हो चुका था, फिर भी वह कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में रह रहा था।

इन लगातार कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि एसएसबी भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी और अवैध प्रवेश दोनों के खिलाफ सक्रिय अभियान चला रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भारत-नेपाल सीमा पर कीमती धातुओं की व्यवस्थित तस्करी के एक बड़े पैटर्न की ओर इशारा करती है, जिसे ₹20,000 प्रति किलोग्राम का मूल्य-अंतर लगातार हवा देता है। सवाल यह है कि क्या यह एकल तस्कर था या किसी बड़े नेटवर्क की कड़ी — और कस्टम जाँच इस पर कितनी रोशनी डाल पाएगी। एसएसबी की लगातार कार्रवाइयाँ — चांदी तस्करी से लेकर अवैध प्रवेश तक — यह भी दर्शाती हैं कि सोनौली जैसे व्यस्त बॉर्डर पर बहु-आयामी खतरे एक साथ सक्रिय हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनौली बॉर्डर पर चांदी तस्करी का यह मामला क्या है?
11 जून 2026 को एसएसबी की 22वीं बटालियन ने सोनौली बॉर्डर (महराजगंज, उत्तर प्रदेश) पर रूटीन चेकिंग के दौरान जयपुर निवासी एक शख्स को 500 ग्राम सिल्वर ग्रैन्यूल्स के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी इस चांदी को अवैध तरीके से नेपाल की राजधानी काठमांडू ले जाने की कोशिश कर रहा था।
नेपाल में चांदी की तस्करी क्यों की जाती है?
अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में चांदी की कीमत भारत की तुलना में लगभग ₹20,000 प्रति किलोग्राम अधिक है। यह मूल्य-अंतर तस्करों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन का काम करता है, जिसके चलते वे सीमावर्ती मार्गों का इस्तेमाल करते हैं।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
एसएसबी ने जब्त चांदी और आरोपी दोनों को नौतनवा कस्टम ऑफिस को सौंप दिया है। अब सीमा शुल्क विभाग मामले की आगे जाँच करेगा और सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले एसएसबी ने इस सीमा पर और क्या कार्रवाई की थी?
3 जून 2026 को एसएसबी की 41वीं बटालियन ने रानीडांगा बीआईटी चेक पोस्ट पर एक्सपायर्ड वीजा के साथ भारत में घुस रहे बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद मुक्तर हुसैन (36 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। हुसैन का भारतीय वीजा 23 सितंबर 2023 को समाप्त हो चुका था और वह कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में रह रहा था।
एसएसबी की 22वीं बटालियन किस क्षेत्र की निगरानी करती है?
एसएसबी की 22वीं बटालियन महराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा की निगरानी के लिए तैनात है, जिसमें सोनौली जैसे प्रमुख बॉर्डर प्वाइंट शामिल हैं। यह क्षेत्र व्यापार और पर्यटन दोनों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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