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क्या मनरेगा के नाम पर देश को गुमराह करने की कोशिश हो रही है? - शिवराज सिंह चौहान

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क्या मनरेगा के नाम पर देश को गुमराह करने की कोशिश हो रही है? - शिवराज सिंह चौहान

सारांश

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर मनरेगा को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने नई ग्रामीण रोजगार योजना के लाभों को उजागर किया और PM मोदी ने इसका समर्थन किया। जानिए इस विवाद पर पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

125 दिन की रोजगार की कानूनी गारंटी बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों को मजबूत किया गया सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजना के लिए कुल आवंटन बढ़ाया है यह बिल गरीबों के विकास के पक्ष में है सरकार का विकसित भारत का लक्ष्य

नई दिल्ली, 21 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विपक्षी नेताओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वे सरकार की प्रमुख ग्रामीण रोजगार योजना को लेकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, "मनरेगा के नाम पर गलत जानकारी फैलाकर देश को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "सच तो यह है कि विकसित भारत ग्राम योजना मनरेगा से एक कदम आगे है। अब मजदूरों को सिर्फ 100 दिन नहीं, बल्कि 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों को मजबूत किया गया है और अगर मजदूरी में देरी होती है, तो अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा।"

उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजना के लिए कुल आवंटन बढ़ाया है और विकसित गांव के जरिए विकसित भारत हासिल करने के लिए आत्मनिर्भर गांव विकसित करने का लक्ष्य रखा है। चौहान ने कहा कि यह बिल गरीबों और विकास के पक्ष में है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हाल ही में पास हुए विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025 का जोरदार समर्थन किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा।

अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने चौहान द्वारा लिखे गए एक आर्टिकल को शेयर किया और उसका समर्थन किया, जो एक प्रमुख अखबार में छपा था। आर्टिकल का शीर्षक था 'नया रोजगार कानून सामाजिक सुरक्षा से पीछे हटना नहीं है। इसका मकसद सुधार करना है'।

नागरिकों से इस लेख को पढ़ने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "इस जरूर पढ़े जाने वाले लेख में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बताते हैं कि यह बिल रोजगार गारंटी को बढ़ाकर, लोकल प्लानिंग को शामिल करके, मजदूरों की सुरक्षा और खेती की प्रोडक्टिविटी के बीच बैलेंस बनाकर, योजनाओं को मिलाकर, फ्रंटलाइन क्षमता को मजबूत करके और गवर्नेंस को मॉडर्न बनाकर ग्रामीण आजीविका को कैसे बदलने का लक्ष्य रखता है। वह इस बात पर जोर देते हैं कि यह बिल सोशल प्रोटेक्शन से पीछे हटना नहीं है, बल्कि यह उसका नया रूप है।"

संसद में इस हफ्ते गरमागरम बहस और विपक्ष के विरोध के बीच पास हुए बिल से हर ग्रामीण परिवार को सालाना मजदूरी वाली रोजगार की कानूनी गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।

अपने लेख में कृषि मंत्री ने बिल की मुख्य आलोचनाओं का जवाब दिया है, यह तर्क देते हुए कि योजना के डिमांड-ड्रिवन नेचर को कमजोर करने की चिंताएं निराधार हैं, क्योंकि यह कानून सरकार को कम से कम 125 दिनों का काम देने का साफ आदेश देता है।

जैसे ही यह योजना अप्रैल 2026 से शुरू होने की तैयारी कर रही है, सरकार विकसित भारत-जी राम जी को विकसित भारत 2047 विजन के साथ एक आधुनिक विकास के रूप में देखती है, जिसका लक्ष्य लागू करने योग्य अधिकार, जवाबदेही और स्थायी विकास प्रदान करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम सरकारी योजनाओं की वास्तविकता समझें। शिवराज सिंह चौहान का यह बयान दर्शाता है कि सरकार ग्रामीण विकास को लेकर गंभीर है। विपक्ष की आलोचना से पहले हमें योजना के लाभों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नया रोजगार कानून क्या है?
नया रोजगार कानून 2025, मनरेगा की जगह लेगा और 125 दिन की रोजगार गारंटी प्रदान करेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार की योजनाओं को लेकर देश को गुमराह कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का क्या कहना है?
PM मोदी ने नए कानून का समर्थन किया और इसके लाभों को उजागर किया।
क्या यह कानून गरीबों के लिए है?
हाँ, यह कानून गरीबों और विकास के पक्ष में है।
राष्ट्र प्रेस
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