4 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मानसून में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए? डॉ. जग मोहन ने बताए आयुर्वेदिक उपाय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मानसून में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए? डॉ. जग मोहन ने बताए आयुर्वेदिक उपाय

सारांश

मानसून आ रहा है और इसके साथ ही स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है। डॉ. जग मोहन ने इस मौसम में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आयुर्वेदिक उपायों की सलाह दी है। जानें कैसे आप इस बारिश में स्वस्थ रह सकते हैं।

मुख्य बातें

मानसून में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।
हल्दी और तुलसी का काढ़ा लाभकारी है।
नीम और गिलोय का सेवन करें।
पीने का पानी उबालकर पिएं।
साफ-सफाई का ध्यान रखें।

चंबा, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। मानसून का आगमन जहां हरियाली और ठंडक लाता है, वहीं यह मौसम स्वास्थ्य के लिए कई चुनौतियां भी प्रस्तुत करता है। इस अवधि में विभिन्न प्रकार की बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भंजराडू उपमंडल में आयुष चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. जग मोहन ने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की।

डॉ. जग मोहन ने कहा कि बारिश के मौसम में बढ़ती नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी, बुखार, दस्त, और त्वचा से संबंधित समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। विशेषकर चर्म रोग इस मौसम में बहुत आम होते हैं। आयुर्वेद में ऐसे संक्रमणों से बचने के लिए कई प्रभावी घरेलू उपाय सुझाए गए हैं।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे नियमित रूप से हल्दी और तुलसी का काढ़ा पिएं, त्रिकटु चूर्ण का सेवन करें, और गुनगुने पानी का उपयोग करें। ये उपाय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, डॉ. मोहन ने विशेष रूप से पीने के पानी की गुणवत्ता पर ध्यान देने की सलाह दी, और कहा कि पानी को उबालकर पीना लाभकारी है।

डॉ. मोहन ने नीम और गिलोय जैसी आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन को भी अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि ये जड़ी-बूटियां शरीर को अंदर से मजबूत बनाकर मौसमी संक्रमणों से बचाती हैं। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि बारिश में भीगने से बचें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और संतुलित आहार का पालन करें। यदि किसी को कोई स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी आयुष स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

उन्होंने कहा कि आयुष विभाग मानसून के इस संवेदनशील मौसम में लोगों को जागरूक करने के लिए निरंतर अभियान चला रहा है, ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ और सुरक्षित रह सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि मानसून के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को बढ़ावा दिया जाए। यह मौसम न केवल प्राकृतिक सुंदरता लाता है, बल्कि स्वास्थ्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। आयुर्वेद के माध्यम से प्राकृतिक उपचारों को अपनाना एक प्रभावी उपाय हो सकता है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानसून में स्वास्थ्य के लिए क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
बरसात के मौसम में अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए हल्दी और तुलसी का काढ़ा पीना चाहिए और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
क्या आयुर्वेदिक औषधियाँ मानसून में उपयोगी होती हैं?
हाँ, नीम और गिलोय जैसी आयुर्वेदिक औषधियाँ मौसमी संक्रमणों से बचाने में मदद करती हैं।
मानसून में पानी कैसे पीना चाहिए?
मानसून में पीने के पानी को उबालकर पीना चाहिए ताकि संक्रमण से बचा जा सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले