क्या सौरभ भारद्वाज ने एमसीडी डिस्पेंसरियों को ‘आरोग्य मंदिर’ बताकर सरकार पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया?

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क्या सौरभ भारद्वाज ने एमसीडी डिस्पेंसरियों को ‘आरोग्य मंदिर’ बताकर सरकार पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया?

सारांश

दिल्ली में ‘आरोग्य मंदिर’ अभियान को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सौरभ भारद्वाज ने पुरानी डिस्पेंसरियों को नए नाम से चलाने के आरोपों को उजागर किया है। क्या यह केवल एक दिखावा है?

Key Takeaways

  • सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है।
  • पुरानी डिस्पेंसरियों को नया नाम देकर प्रचारित किया जा रहा है।
  • मोहल्ला क्लीनिकों को बंद करने का आरोप।
  • सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार करने की आवश्यकता है।
  • आम आदमी पार्टी ने सरकार से जवाब मांगा है।

नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘आरोग्य मंदिर’ अभियान पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार ने नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) की पुरानी डिस्पेंसरियों को केवल रंगाई-पुताई कर ‘आरोग्य मंदिर’ का नाम दे दिया है और इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि जिन आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया जा रहा है, वहां न तो नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं और न ही कोई नया स्टाफ तैनात किया गया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इन केंद्रों में आज भी एमसीडी का वही पुराना स्टाफ और डॉक्टर काम कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार सिर्फ नाम बदलने और पोस्टर लगाने की राजनीति कर रही है।

ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए सौरभ भारद्वाज ने हरिनगर विधानसभा का उदाहरण पेश किया। उन्होंने बताया कि जिस आरोग्य मंदिर का उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया गया, वह दरअसल वर्षों पुरानी एमसीडी डिस्पेंसरी ही है, जिसे नए रंग और बोर्ड के साथ पेश किया गया।

वीडियो में यह भी दिखाया गया कि महज कुछ कदम की दूरी पर पहले से बने मोहल्ला क्लीनिक पर ताला लगा हुआ है, जबकि वही क्लीनिक जनता के टैक्स के पैसों से तैयार किया गया था। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में बने मोहल्ला क्लीनिकों को बंद कर दिया और उनकी जगह पुरानी डिस्पेंसरियों को नए नाम से चलाने का दिखावा कर रही है।

नांगल राया क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि 500 मीटर के दायरे में कई आरोग्य मंदिर खोल दिए गए हैं, जबकि सुविधाओं में कोई वास्तविक सुधार नहीं किया गया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह पूरा मामला जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। उनके मुताबिक, यदि सरकार वास्तव में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना चाहती है तो उसे मौजूदा मोहल्ला क्लीनिकों को अपग्रेड करके आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित करना चाहिए, न कि दशकों पुरानी डिस्पेंसरियों पर रंग-रोगन कर श्रेय लेने का प्रयास करना चाहिए।

इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने सरकार से जवाब मांगा है और कहा है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी पर आरोप है कि वह विकास की जगह सिर्फ प्रचार की राजनीति कर रही है। आम आदमी पार्टी का दावा है कि आने वाले समय में वह ऐसे और उदाहरणों के जरिए सरकार की हकीकत जनता के सामने लाती रहेगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में पारदर्शिता और वास्तविकता आवश्यक है। जनता को सही जानकारी मिलनी चाहिए और सरकार को उत्तरदायी होना चाहिए।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

आरोग्य मंदिर क्या है?
आरोग्य मंदिर दिल्ली सरकार का एक स्वास्थ्य सेवा अभियान है, जिसे पुरानी डिस्पेंसरियों को नए नाम से चलाने के लिए शुरू किया गया है।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल रंगाई-पुताई कर पुरानी डिस्पेंसरियों को आरोग्य मंदिर का नाम दे दिया है।
क्या आरोग्य मंदिरों में नई सुविधाएं उपलब्ध हैं?
नहीं, सौरभ भारद्वाज के अनुसार, आरोग्य मंदिरों में कोई नई सुविधाएं नहीं जोड़ी गई हैं।
आम आदमी पार्टी का क्या कहना है?
आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह सरकार की एक दिखावटी नीति है और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
क्या भाजपा ने भी इस पर कुछ कहा है?
भाजपा पर आरोप है कि वह विकास की बजाय केवल प्रचार की राजनीति कर रही है।
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