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क्या मेदिनीपुर में भाजपा का रक्षाबंधन पर्व बन गया विरोध प्रदर्शन?

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क्या मेदिनीपुर में भाजपा का रक्षाबंधन पर्व बन गया विरोध प्रदर्शन?

सारांश

मेदिनीपुर में भाजपा ने रक्षाबंधन के पर्व को 'अभया को न्याय दो' के संदेश के साथ मनाया। इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ तृणमूल सरकार के खिलाफ विरोध भी देखा गया। जानिए इस खास आयोजन के पीछे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

भाजपा ने रक्षाबंधन पर्व को विरोध दिवस के रूप में मनाया।
अभया को न्याय दिलाने का संदेश प्रमुखता से दिया गया।
स्थानीय लोगों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश का संगम हुआ।

मेदिनीपुर, 10 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर शहर के धर्मा क्षेत्र में रविवार को जिला भाजपा द्वारा रक्षाबंधन का आयोजन किया गया। इस बार यह पर्व सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते के लिए सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें 'अभया को न्याय दो' का संदेश भी जोड़ा गया।

भाजपा के सूत्रों के अनुसार, शनिवार को कोलकाता में नबन्ना अभियान के दौरान हुए हंगामे में पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज में अभया की मां घायल हो गई थीं। इसी घटना के विरोध में भाजपा ने रक्षाबंधन पर्व को विरोध दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

इस आयोजन में कीर्तन के साथ-साथ रक्षाबंधन का पारंपरिक उत्सव भी मनाया गया। लेकिन, इसके माध्यम से अभया को न्याय दिलाने का भी संदेश दिया गया।

इस अवसर पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शंकर गुचैत समेत अन्य पार्टी नेता भी उपस्थित थे। शंकर गुचैत ने कार्यक्रम में कहा, "तृणमूल सरकार के अधीन पुलिस ने यहां तक कि अभया की मां पर भी लाठीचार्ज किया। हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं। आज हमने रक्षाबंधन को विरोध के रूप में मनाया है। लोग अब तृणमूल का असली चेहरा देख रहे हैं। यह सरकार अब ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।"

इस आयोजन के जरिए भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह महिला सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी।

स्थानीय निवासियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और अभया के लिए न्याय की मांग का समर्थन किया। रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक माहौल के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट रूप से देखा गया। एक ओर जहां भाई-बहन के रिश्ते की मिठास नजर आई, वहीं दूसरी ओर सरकारी रवैये के खिलाफ गुस्सा भी प्रकट हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम इस घटना को एक व्यापक दृष्टिकोण से देखें। भाजपा ने रक्षाबंधन पर्व को एक राजनीतिक उपक्रम में बदल दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक दल अब त्योहारों को भी अपने हित में इस्तेमाल कर रहे हैं। यह एक चिंता का विषय है, क्योंकि यह सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने रक्षाबंधन को क्यों मनाया?
भाजपा ने रक्षाबंधन को 'अभया को न्याय दो' के संदेश के साथ मनाया, जिसका उद्देश्य हाल ही में अभया की मां पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध जताना था।
इस आयोजन में कौन-कौन शामिल था?
इस आयोजन में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शंकर गुचैत सहित अन्य पार्टी नेता और स्थानीय निवासी शामिल थे।
क्या इस आयोजन में कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम था?
हाँ, आयोजन में कीर्तन के साथ-साथ रक्षाबंधन का पारंपरिक उत्सव भी मनाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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