मेघालय के मुख्यमंत्री ने 92 गांवों का चयन किया वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के लिए
सारांश
Key Takeaways
- 92 गांवों का चयन वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के लिए किया गया है।
- कार्यक्रम 2028-29 तक लागू होगा।
- राज्य सरकार विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- केंद्र द्वारा तिथियों की घोषणा का इंतजार है।
- राज्य सरकार ने 14.99 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है।
शिलांग, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को जानकारी दी कि राज्य के 92 गांवों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत शामिल किया गया है। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अभी तक इस योजना के कार्यान्वयन की तिथियों की घोषणा नहीं की है।
विधानसभा में एक सवाल के उत्तर में सीएम संगमा ने बताया कि यह कार्यक्रम 2028-29 तक लागू किया जाएगा और इसकी निगरानी राज्य के बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट विभाग द्वारा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम तब शुरू हुआ जब केंद्र ने सितंबर 2022 में बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम को समाप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम को भारत सरकार ने सितंबर 2022 में समाप्त कर दिया था और इसके स्थान पर वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम शुरू करने का निर्णय लिया गया।" संगमा ने बताया कि बीएडीपी बंद होने के बाद, बॉर्डर क्षेत्रों के विकास के लिए फंड वितरण को लेकर कई विधायकों ने उनसे मुलाकात की और चिंता व्यक्त की।
सीएम संगमा ने कहा कि कुछ निधियों को उन्होंने इस क्षेत्र में शामिल किया था, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था, क्योंकि राज्य को अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों बॉर्डर को कवर करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बॉर्डर क्षेत्रों में विकास की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी और केवल बीएडीपी के फंड वितरण के आधार पर प्रगति का आकलन करना सही नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित गांवों में आवश्यक विकास कार्य समय पर किए जाएंगे और राज्य सरकार इस योजना को लागू करने में सक्रिय रूप से काम करेगी।
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि केवल बीएडीपी के तहत खर्च की गई राशि से बॉर्डर इलाकों के विकास का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने बताया कि लाफ़ार्ज एसपीवी सपोर्ट समेत अतिरिक्त फंडिंग स्ट्रीम ने मौसिनराम और शेल्ला जैसे क्षेत्रों में विकास कार्यों में मदद की है।
मुख्यमंत्री ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत जिला-स्तरीय समितियों की संरचना पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र की गाइडलाइंस के अनुसार इन समितियों में चुने हुए विधायक शामिल नहीं हैं और यह मामला राज्य सरकार पहले ही नई दिल्ली में उठा चुकी है। सीएम संगमा ने सदन में कहा, "ये ऐसे इलाके हैं जहां अंतिम निर्णय केंद्र स्तर पर लिया जाता है। मैं इस मामले को व्यक्तिगत रूप से उठाऊंगा।"
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इंटर-स्टेट बॉर्डर विकास के लिए विशेष रूप से 14.99 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह राशि मेघालय के बॉर्डर क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और रहने की स्थिति को बेहतर बनाने के राज्य सरकार के वादे को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार बॉर्डर इलाकों में विकास कार्यों को समय पर लागू करने और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करती रहेगी।