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कठुआ में 150 केएलडी क्षमता वाले सीईटीपी का शिलान्यास: डॉ. जितेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण घोषणा

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कठुआ में 150 केएलडी क्षमता वाले सीईटीपी का शिलान्यास: डॉ. जितेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण घोषणा

सारांश

कठुआ में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 150 केएलडी क्षमता वाले सीईटीपी का शिलान्यास किया। यह परियोजना स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

मुख्य बातें

कठुआ में 150 केएलडी सीईटीपी का शिलान्यास डॉ.
जितेंद्र सिंह का योगदान पर्यावरणीय ढांचे को मजबूत करना स्वच्छता और सुरक्षा मानकों में सुधार

कठुआ, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को जानकारी दी कि सरकारी मेडिकल कॉलेज कठुआ में 150 केएलडी क्षमता का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित करने का शिलान्यास किया गया। यह कार्यक्रम विधायक राजीव जसरोटिया, डॉ. भारत भूषण और जीएमसी कठुआ के प्रिंसिपल डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री सहित अन्य प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पहल को संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना पर्यावरणीय ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस सीईटीपी के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में उत्पन्न होने वाले बायोमेडिकल और तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह प्लांट प्रदूषण नियंत्रण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाएगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में डॉ. जितेंद्र सिंह ने लिखा, "जम्मू-कश्मीर के कठुआ स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के परिसर में 150 केएलडी क्षमता वाले कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के एसआईटीसी का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर विधायक राजीव जसरोटिया, डॉ. भारत भूषण, जीएमसी कठुआ के प्रिंसिपल डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री और अन्य प्रमुख नेता उपस्थित थे।"

उन्होंने आगे कहा, "यह पहल पर्यावरणीय बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और संस्थान के भीतर बायोमेडिकल तथा तरल कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता के स्तर को भी बढ़ाएगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीईटीपी का क्या महत्व है?
सीईटीपी का महत्व इस बात में है कि यह बायोमेडिकल और तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन में मदद करेगा, जिससे पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
इस परियोजना की लागत क्या है?
परियोजना की लागत का विवरण इस समय उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह स्वास्थ्य संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन प्रदान करेगा।
क्या यह परियोजना अन्य क्षेत्रों में भी लागू होगी?
यह परियोजना अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी लागू होने की संभावना है, जिससे व्यापक लाभ हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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