क्या डॉ. जितेंद्र सिंह ने कठुआ में बाढ़ से क्षतिग्रस्त संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए धन आवंटन की समीक्षा की?
सारांश
Key Takeaways
- बाढ़ से पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 1,400 करोड़ रुपए की राशि निर्धारित की है।
- कठुआ में अस्थायी मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
- उझ बहुउद्देशीय परियोजना का पुनरुद्धार हो रहा है।
- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कठुआ मेडिकल कॉलेज में एमआरआई सुविधा दी गई है।
- सभी कार्य अगस्त 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
कठुआ, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कठुआ में हाल ही में आई फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) से क्षतिग्रस्त ढांचों के पुनर्निर्माण हेतु धन आवंटन की समीक्षा की। उन्होंने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सार्वजनिक संपत्ति और अन्य बुनियादी ढांचे को हुई क्षति की भरपाई के लिए 1,400 करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की है।
कठुआ जिले में अस्थायी मरम्मत के कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जबकि प्रत्येक क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संरचना के लिए 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निर्धारित की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर तैयार किए जाएंगे और सभी क्षतिग्रस्त ढांचों को इस वर्ष अगस्त तक आवश्यक लागत पर पुनर्निर्मित करने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, एक सदी से लंबित उझ बहुउद्देशीय परियोजना को पुनर्जीवित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस परियोजना के साथ नहर प्रणाली को भी मंजूरी दी है, जो पाकिस्तान की ओर अनियंत्रित जल प्रवाह को रोकने में मदद करेगी।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़ी राहत मिली है। कठुआ मेडिकल कॉलेज में एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) सुविधा को स्वीकृति दी गई है, जो अस्पताल में टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई द्वारा शुरू की गई कैंसर केयर सुविधा को और सशक्त बनाएगी।
साल 2025 में आई अचानक बाढ़ ने कठुआ में भारी तबाही मचाई थी। बड़ी संख्या में लोगों के घर बह गए थे और कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया था। इस दौरान व्यापक नुकसान हुआ था। एहतियाती कदम उठाए गए थे और लोगों को सहायता पहुंचाई गई थी। अब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस दौरान हुई क्षतिग्रस्त संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए धन आवंटन की समीक्षा की है।