30 जुलाई 2026
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क्या मेघालय में डाक विभाग के तीन अधिकारियों को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया?

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क्या मेघालय में डाक विभाग के तीन अधिकारियों को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया?

सारांश

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने मेघालय में डाक विभाग के तीन अधिकारियों को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। इस घटना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को एक बार फिर से उजागर किया है। यह मामला दिखाता है कि कैसे सरकारी अधिकारियों द्वारा अवैध तरीके से वित्तीय लाभ उठाया जा रहा है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने मेघालय में डाक विभाग के तीन अधिकारियों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए की गई थी।
अधिकारियों ने 10 महीने से रोकी गई वेतन राशि जारी करने के लिए रिश्वत मांगी थी।
बड़ी मात्रा में नकद राशि बरामद की गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मेघालय के ईस्ट गारो हिल्स जिले में डाक विभाग के तीन अधिकारियों को रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों में विलियमनगर के सहायक शाखा डाकपाल, उप-विभाग निरीक्षक और रोंगजेंग उप-डाकघर के एक डाकिया शामिल हैं।

सीबीआई ने यह मामला 4 अक्टूबर को दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीनों अधिकारियों ने एक ग्राम डाक सेवक से उसकी 10 महीने से रोकी गई वेतन राशि जारी करने के लिए दो माह के वेतन के बराबर रिश्वत मांगी थी।

शिकायत के अनुसार, अधिकारियों ने 30 हजार रुपए की रिश्वत लेने पर सहमति जताई और कहा कि यह राशि वेतन जारी होने के बाद दी जाएगी। इसके बाद, सीबीआई ने जाल बिछाकर सहायक शाखा डाकपाल को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद, अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।

सीबीआई ने विलियमनगर और त्रिपुरा के अंबासा जिले में आरोपियों के कार्यालयों और आवासों पर छापेमारी की। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए और उपनगर गांव स्थित आरोपी डाकिया के घर से 2 लाख 30 हजार रुपए नकद बरामद हुए।

सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

इसी तरह एक अन्य कार्रवाई में सीबीआई ने 27 सितंबर को एक पीईएसओ अधिकारी और एक निजी व्यक्ति को रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार किया था। सीबीआई को सूचना मिली थी कि आरोपी अधिकारी निजी सलाहकारों और एजेंटों के माध्यम से बड़े पैमाने पर भ्रष्ट आचरण कर रहा था।

इससे पहले, सीबीआई ने घर खरीदारों से धोखाधड़ी और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ सांठगांठ के आरोपों पर कोलकाता, बेंगलुरु और मुम्बई के बिल्डरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने 6 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और तीनों महानगरों में कुल 12 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह मानता हूँ कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। यह घटना न सिर्फ मेघालय, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। हमें एक साथ मिलकर ऐसे भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा होना होगा और एक पारदर्शी प्रशासन की दिशा में बढ़ना होगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस मामले में सीबीआई ने क्या कार्रवाई की?
सीबीआई ने तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा और उनके कार्यालयों पर छापेमारी की।
गिरफ्तार अधिकारियों में कौन-कौन शामिल हैं?
गिरफ्तार अधिकारियों में विलियमनगर के सहायक शाखा डाकपाल, उप-विभाग निरीक्षक और रोंगजेंग उप-डाकघर का डाकिया शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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