20 अक्टूबर 2026
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दशहरे पर बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की युवाओं से अपील — बुराई और नशे का करें दहन, AI में बनाएं विशेषज्ञता

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दशहरे पर बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की युवाओं से अपील — बुराई और नशे का करें दहन, AI में बनाएं विशेषज्ञता

सारांश

दशहरे की पारंपरिक आस्था को आधुनिक चुनौतियों से जोड़ते हुए बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने युवाओं से नशे और बुराई के दहन का आह्वान किया — साथ ही AI और रोबोटिक साइंस में महारत हासिल कर बिहार को ज्ञान की वैश्विक धुरी बनाने का आग्रह किया।

मुख्य बातें

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 20 अक्टूबर 2026 को भागलपुर में दशहरे पर युवाओं को संबोधित किया।
उन्होंने रावण दहन को हर बुराई और नशे की लत के अंत का प्रतीक बताया।
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाते हुए भारत को विश्व मानचित्र पर स्थापित करने का आह्वान किया।
AI और रोबोटिक साइंस में केवल उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि विशेषज्ञ बनने पर ज़ोर दिया।
कहा कि बिहार नालंदा-विक्रमशिला की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देगा।

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 20 अक्टूबर 2026 को दशहरे के अवसर पर भागलपुर में युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने भीतर की बुराइयों और नशे की लत का रावण-दहन की भाँति अंत करें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में उतारने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा रोबोटिक साइंस में विशेषज्ञता हासिल करने पर बल दिया, ताकि बिहार एक बार फिर ज्ञान और नवाचार की धरती के रूप में विश्व को दिशा दे सके।

रावण दहन — हर बुराई के अंत का प्रतीक

मंत्री तिवारी ने कहा कि दशहरे पर रावण दहन महज एक परंपरा नहीं, बल्कि हर अधर्म और बुराई के समापन का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से कहा, 'रावण दहन जब हम करते हैं तो हर बुराई का दहन करते हैं, हर अधर्म का दहन करते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि दशहरा युवाओं के लिए अपनी कमज़ोरियों का त्याग कर श्रेष्ठता को जाग्रत करने का सुअवसर है।

तिवारी ने युवाओं से अपने भीतर के स्वामी विवेकानंद को जगाने और समाज में व्याप्त नशे की प्रवृत्ति को समूल नष्ट करने का संकल्प लेने को कहा। उनके अनुसार, 'युवाओं का जीवन देश के लिए अमूल्य धरोहर है।'

AI और तकनीकी दौर में मानव संसाधन की भूमिका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर मोहन भागवत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि AI और रोबोटिक साइंस तकनीकी क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण शोध हैं। इन तकनीकों से अनेक कार्य सुगम हो सकते हैं, लेकिन इनका विकास और संचालन अंततः मनुष्य ही करता है।

तिवारी ने स्पष्ट किया कि 'तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, उसे विकसित करने वाले व्यक्ति का सही और सक्षम होना ज़रूरी है।' उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने गुणों और क्षमताओं को तकनीक में समाहित करता है, इसलिए तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानव संसाधन को भी सक्षम बनाना अनिवार्य है।

युवाओं के लिए AI में विशेषज्ञता की ज़रूरत

मंत्री ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि आज के युवाओं को केवल तकनीक का उपयोगकर्ता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसमें गहरी विशेषज्ञता अर्जित करनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में AI शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने की माँग तेज़ हो रही है।

गौरतलब है कि बिहार सरकार ने हाल के वर्षों में स्कूली शिक्षा के डिजिटलीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री का यह बयान राज्य की तकनीकी शिक्षा नीति की दिशा का संकेत देता है।

बिहार — ज्ञान की धरती, भविष्य का मार्गदर्शक

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सदैव से ज्ञान की भूमि रही है — नालंदा और विक्रमशिला जैसे महाविहारों की यह धरती अपनी ऐतिहासिक पहचान को पुनः स्थापित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ें, तो बिहार भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देने की भूमिका निभाएगा।

आने वाले समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार इस दृष्टि को नीतिगत ढाँचे में कैसे ढालती है और AI-शिक्षा के लिए किस तरह की संस्थागत संरचना तैयार की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इसकी असली परीक्षा नीतिगत ज़मीन पर होगी। बिहार में नशे की समस्या और तकनीकी शिक्षा की कमी दोनों ही दीर्घकालिक संरचनात्मक चुनौतियाँ हैं — जिन्हें उत्सव के मंच से दिए गए भाषणों से नहीं, बल्कि स्कूलों में AI पाठ्यक्रम, नशामुक्ति केंद्रों और व्यावसायिक प्रशिक्षण में ठोस निवेश से सुलझाया जा सकता है। विवेकानंद के आदर्शों का उल्लेख प्रेरणादायक है, किंतु बिहार की युवा बेरोज़गारी और पलायन की दर को देखते हुए, आकांक्षाओं को संस्थागत सहारे की ज़रूरत है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन भाषणों को केवल 'दशहरा संदेश' तक सीमित कर देती है — जबकि असली सवाल यह है कि शिक्षा विभाग इन लक्ष्यों को बजट और कार्यक्रम में कब और कैसे उतारेगा।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दशहरे पर युवाओं से क्या अपील की?
मिथिलेश तिवारी ने 20 अक्टूबर 2026 को भागलपुर में युवाओं से अपील की कि वे रावण दहन की भाँति अपने भीतर की बुराइयों और नशे की लत को समाप्त करें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने और AI तथा रोबोटिक साइंस में विशेषज्ञता हासिल करने का आह्वान भी किया।
मिथिलेश तिवारी ने AI और रोबोटिक साइंस पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि AI और रोबोटिक साइंस महत्त्वपूर्ण तकनीकी शोध हैं जो कई कार्यों को सुगम बना सकते हैं, लेकिन इनका विकास और संचालन मनुष्य ही करता है। इसलिए तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानव संसाधन को भी सक्षम बनाना ज़रूरी है और युवाओं को केवल तकनीक का उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि विशेषज्ञ बनना चाहिए।
दशहरे और रावण दहन को मिथिलेश तिवारी ने किस रूप में देखा?
उन्होंने कहा कि रावण दहन केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हर बुराई और अधर्म के अंत का प्रतीक है। यह दिन युवाओं के लिए अपनी कमज़ोरियों और नशे की आदतों का त्याग कर श्रेष्ठ गुणों को जाग्रत करने का अवसर है।
बिहार को ज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की मंत्री की क्या सोच है?
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार नालंदा और विक्रमशिला जैसे महाविहारों की ज्ञान-परंपरा का उत्तराधिकारी है और राज्य भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देने की भूमिका निभाएगा। उन्होंने युवाओं से AI और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर इस पहचान को पुनः स्थापित करने का आग्रह किया।
मोहन भागवत के AI बयान पर मिथिलेश तिवारी ने क्या प्रतिक्रिया दी?
मोहन भागवत के AI संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीक का निर्माण और संचालन मनुष्य के गुणों पर निर्भर करता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि तकनीक चाहे जितनी उन्नत हो जाए, उसे विकसित करने वाले व्यक्ति का सक्षम और नैतिक होना अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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