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असम की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर लाने में मोदी का योगदान: अमित शाह

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असम की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर लाने में मोदी का योगदान: अमित शाह

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने असम के हैलाकांडी में जनसभा में मोदी सरकार की पहलों पर चर्चा की और असम की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की।

मुख्य बातें

असम के सांस्कृतिक प्रतीकों को वैश्विक पहचान चाय बागान श्रमिकों के लिए भूमि अधिकार यूसीसी का समर्थन किसानों के लिए वित्तीय सहायता शिक्षा में सुधार की पहल

गुवाहाटी, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को हैलाकांडी जिले में आयोजित एक जनसभा में असम की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की पहलों पर प्रकाश डाला और कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की।

गृह मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने असम के सांस्कृतिक प्रतीकों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में असम की पारंपरिक 'गमोचा' को वैश्विक पहचान मिली है। राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस नेता ने 'गमोचा' पहनने से मना कर दिया था।

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने नई दिल्ली में एक भव्य प्रतिमा स्थापित करके अहोम सेनापति लचित बोरफुकन की धरोहर को सम्मानित किया है, जिससे उनकी वीरता को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है।

चाय बागान श्रमिकों के भूमि अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने 707 चाय बागानों में लगभग 3.5 लाख परिवारों को भूमि स्वामित्व पट्टे प्रदान किए हैं।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में 20 जिलों के 106 बागानों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस कदम का उद्देश्य चाय बागान समुदायों को सशक्त बनाना है।

गृह मंत्री ने तीन तलाक को समाप्त करने जैसे कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों पर जोर दिया, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था।

उन्होंने कहा कि असम सरकार ने शिक्षा सुधारों के अंतर्गत 402 मदरसों को प्राथमिक विद्यालयों में परिवर्तित कर दिया है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का समर्थन करते हुए शाह ने कहा कि यह बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाकर समानता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने मतदाताओं से अनुरोध किया कि आगामी चुनावों में भाजपा का समर्थन करें ताकि राज्य में यूसीसी को लागू किया जा सके।

कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में शाह ने किसानों को अधिक वित्तीय सहायता देने का वादा किया और कहा कि वार्षिक सहायता राशि 6,000 रुपए से बढ़ाकर 11,000 रुपए कर दी जाएगी। उन्होंने 10,000 किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीदने पर सब्सिडी की भी घोषणा की और धान, मक्का और सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का आश्वासन दिया।

इसके अलावा, उन्होंने वादा किया कि यदि भाजपा राज्य में सत्ता में लौटती है, तो गरीब बच्चों को किंडरगार्टन से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक मुफ्त शिक्षा, मुफ्त चावल वितरण, रियायती दरों पर आवश्यक वस्तुएं और महिलाओं के लिए 3,000 रुपए का मासिक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रदान किया जाएगा।

इससे पहले मंगलवार को उन्होंने असम के श्रीभूमि जिले के पथारकंडी में एक विशाल चुनावी रैली में कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केवल भाजपा ही राज्य को अवैध घुसपैठ से बचा सकती है और इसकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित कर सकती है।

शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने घुसपैठियों की पहचान कर ली है और पार्टी के सत्ता में लौटने पर उन्हें एक-एक करके बाहर निकालने का वादा किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध प्रवासी स्थानीय युवाओं, गरीब परिवारों और चाय बागान श्रमिकों के लिए निर्धारित नौकरियां, राशन लाभ और मजदूरी छीन रहे हैं।

उन्होंने घोषणा की, "असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में भाजपा-एनडीए सरकारों के साथ घुसपैठ पूरी तरह से रुक जाएगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो असम के विकास और सांस्कृतिक संवर्धन की दिशा में एक नई दिशा प्रदान करता है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
मोदी सरकार ने असम की पारंपरिक 'गमोचा' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाई है और लचित बोरफुकन की प्रतिमा स्थापित की है।
भाजपा सरकार ने चाय बागान श्रमिकों के लिए क्या योजनाएं बनाई हैं?
भाजपा सरकार ने 707 चाय बागानों में 3.5 लाख परिवारों को भूमि स्वामित्व पट्टे दिए हैं।
मोदी सरकार का यूसीसी का समर्थन क्यों है?
यूसीसी का समर्थन बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाकर समानता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
किसानों के लिए वित्तीय सहायता में क्या बदलाव हुआ है?
किसानों को वार्षिक सहायता राशि 6,000 रुपए से बढ़ाकर 11,000 रुपए करने का वादा किया गया है।
असम में शिक्षा सुधारों के तहत क्या किया गया है?
असम सरकार ने 402 मदरसों को प्राथमिक विद्यालयों में परिवर्तित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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