1 नवंबर 2026
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कर्नाटक केरल स्थापना दिवस पर PM मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और नड्डा ने दी शुभकामनाएं

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कर्नाटक केरल स्थापना दिवस पर PM मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और नड्डा ने दी शुभकामनाएं

सारांश

1 नवंबर को कर्नाटक और केरल के स्थापना दिवस पर PM मोदी ने दोनों राज्यों की उपलब्धियों — IT, स्वास्थ्य, शिक्षा — की सराहना की। गृह मंत्री शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने भी बधाई दी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक (कन्नड़ राज्योत्सव) और केरल (केरलप्पिरवि) के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं।
मोदी ने कर्नाटक की IT, जैव प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, AI और स्टार्टअप क्षेत्रों में उपलब्धियों को रेखांकित किया।
केरल के संदर्भ में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, उद्यमिता और विज्ञान में राज्य के वैश्विक योगदान की प्रशंसा की गई।
गृह मंत्री अमित शाह , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी एक्स पर बधाई संदेश साझा किए।
दोनों राज्य 1956 में भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के तहत 1 नवंबर को अस्तित्व में आए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक और केरल के स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के निवासियों को हार्दिक बधाई दी। उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बधाई संदेश साझा किए।

मुख्य घटनाक्रम

प्रधानमंत्री मोदी ने कन्नड़ राज्योत्सव पर एक्स पर लिखा, "कर्नाटक समृद्ध परंपराओं, उल्लेखनीय उपलब्धियों और अपार संभावनाओं की भूमि है। यहां की गौरवशाली विरासत और चिरंतन रीति रिवाजों ने हमारे देश के सांस्कृतिक ताने बाने को समृद्ध किया है।" उन्होंने राज्य के तकनीकी और औद्योगिक नेतृत्व की विशेष सराहना की।

मोदी ने सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में कर्नाटक के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य के लोग "आज की गंभीर वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में सबसे आगे हैं।"

केरल को 'केरलप्पिरवि' की बधाई

केरल के स्थापना दिवस — जिसे 'केरलप्पिरवि' के नाम से जाना जाता है — के अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक अलग पोस्ट में लिखा, "यह विशेष दिन केरल की जीवंत परंपराओं और असाधारण जज्बे का जश्न मनाता है।" उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, उद्यमिता और विज्ञान के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि केरल के लोगों ने "न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी लोगों का दिल जीता है।"

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

गृह मंत्री अमित शाह ने कन्नड़ राज्योत्सव पर कर्नाटकवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर लिखा कि राज्य के लोगों ने "कड़ी मेहनत और भारत की वैश्विक पहचान में अपने योगदान के माध्यम से अपनी विरासत को संजोए रखा है।" शाह ने राज्य की निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएं दीं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'केरल पिरवी' के अवसर पर केरलवासियों को बधाई देते हुए कहा कि "भारत की समृद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत में केरल का एक विशिष्ट स्थान है।" उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने केरल को 'ईश्वर का अपना देश' (गॉड्स ओन कंट्री) बताते हुए राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा की। उन्होंने कर्नाटक के लोगों की विविध परंपराओं और गौरवशाली इतिहास को भी देश के लिए गर्व का विषय बताया।

राज्यों का ऐतिहासिक संदर्भ

गौरतलब है कि 1 नवंबर का दिन दक्षिण भारत के लिए विशेष ऐतिहासिक महत्व रखता है। 1956 में इसी दिन भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के तहत कर्नाटक (तत्कालीन मैसूर) और केरल अस्तित्व में आए थे। हर वर्ष इस अवसर पर केंद्र और राज्य स्तर पर स्थापना दिवस समारोह आयोजित होते हैं। यह दिन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और भाषाई पहचान की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

आगे की उम्मीदें

प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के संदर्भ में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि "आने वाले साल केरल के हर व्यक्ति के लिए नए अवसर, अधिक समृद्धि और निरंतर प्रगति लेकर आएंगे।" दोनों राज्यों में स्थापना दिवस पर राज्य सरकारों की ओर से भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मोदी द्वारा कर्नाटक के IT और AI नेतृत्व तथा केरल के वैश्विक प्रवासी योगदान का उल्लेख महज़ औपचारिकता से आगे जाता है — यह दक्षिण भारत की राजनीतिक और आर्थिक प्रासंगिकता को केंद्र सरकार की ओर से स्वीकारना है। गौरतलब है कि दोनों राज्यों में विपक्षी सरकारें हैं, ऐसे में यह सद्भावनापूर्ण संवाद केंद्र राज्य संबंधों के नज़रिए से भी महत्वपूर्ण है। हालांकि ये बधाई संदेश नीतिगत घोषणाएं नहीं हैं, फिर भी ये राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता के प्रति केंद्र की सार्वजनिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक और केरल का स्थापना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
दोनों राज्य हर वर्ष 1 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाते हैं। 1956 में इसी दिन भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के तहत कर्नाटक (तब मैसूर) और केरल अस्तित्व में आए थे।
PM मोदी ने कर्नाटक की किन उपलब्धियों का उल्लेख किया?
PM मोदी ने सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत विनिर्माण और स्टार्टअप क्षेत्रों में कर्नाटक के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में सबसे आगे हैं।
केरल के स्थापना दिवस 'केरलप्पिरवि' पर PM मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने केरल के स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, उद्यमिता और विज्ञान क्षेत्र में वैश्विक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि केरल के लोगों ने न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बनाई है।
केंद्र के किन नेताओं ने स्थापना दिवस पर बधाई दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एक्स पर बधाई संदेश साझा किए।
जेपी नड्डा ने केरल को किस नाम से संबोधित किया?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने केरल को 'ईश्वर का अपना देश' (गॉड्स ओन कंट्री) बताया। उन्होंने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए निरंतर प्रगति की कामना की।
राष्ट्र प्रेस
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