8 अक्टूबर 2026
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जीतू पटवारी का मोदी सरकार पर हमला: 25 साल का हिसाब दो, युवा-किसान के सवालों का जवाब दो

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जीतू पटवारी का मोदी सरकार पर हमला: 25 साल का हिसाब दो, युवा-किसान के सवालों का जवाब दो

सारांश

BJP के सेवा संकल्प अभियान के जवाब में कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोदी के 25 साल के शासन का हिसाब माँगा — युवाओं को रोज़गार, किसानों को MSP गारंटी और नोटबंदी की असली कीमत जैसे अनुत्तरित सवालों के साथ। उनका कहना है कि असली रिपोर्ट कार्ड विज्ञापनों में नहीं, जनता की ज़िंदगी में दिखना चाहिए।

मुख्य बातें

कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 8 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार से मोदी के 25 वर्षों का तथ्यात्मक हिसाब माँगा।
BJP प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर सेवा संकल्प अभियान चला रही है।
पटवारी ने युवा रोज़गार, पेपर लीक, नोटबंदी, GST और तीन कृषि कानूनों की वापसी पर सवाल उठाए।
किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी कब मिलेगी — यह कांग्रेस का प्रमुख सवाल।
पटवारी के अनुसार, असली रिपोर्ट कार्ड युवा, किसान, महिला, गरीब और आम नागरिक की ज़िंदगी में दिखना चाहिए।

कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 8 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार से 25 वर्षों के शासन का तथ्यात्मक हिसाब माँगा और युवाओं, किसानों तथा आम नागरिकों से जुड़े अनुत्तरित सवालों की लंबी सूची सामने रखी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान चला रही है।

मुख्य घटनाक्रम

पटवारी ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 से गुजरात के मुख्यमंत्री और मई 2014 से देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक शासन का कांग्रेस तथ्यात्मक रिकॉर्ड के आधार पर मूल्यांकन कर रही है। उनके अनुसार, इस मूल्यांकन की कसौटी प्रचार और विज्ञापन नहीं, बल्कि जनता के जीवन में आया वास्तविक बदलाव होना चाहिए।

युवाओं और रोज़गार पर सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पूछा कि 25 साल के शासन के बाद देश के युवाओं को पर्याप्त स्थायी रोज़गार कब मिलेगा। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और भर्ती में देरी से परेशान युवाओं का ज़िक्र करते हुए जवाबदेही की माँग की। पटवारी ने यह भी पूछा कि नोटबंदी के बाद सरकार बताए कि कितना काला धन पकड़ा गया और अर्थव्यवस्था को इसकी क्या कीमत चुकानी पड़ी।

किसानों की समस्याएँ

पटवारी ने कृषि कानूनों का उल्लेख करते हुए पूछा कि यदि तीन कृषि कानून किसानों के हित में थे, तो लगभग एक साल के किसान आंदोलन के बाद उन्हें वापस क्यों लेना पड़ा। उन्होंने माँग की कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी कब तक मिलेगी, इसका स्पष्ट उत्तर दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने जीएसटी के शुरुआती दौर में छोटे व्यापारियों को हुई परेशानियों की जिम्मेदारी तय करने की भी बात कही।

असली रिपोर्ट कार्ड की माँग

पटवारी के अनुसार, 25 साल का हिसाब केवल शुरू की गई योजनाओं की गिनती नहीं है। उनका कहना है कि असली सवाल यह है कि युवा को कितना रोज़गार मिला, किसान कितना सुरक्षित हुआ, महिला कितनी सुरक्षित हुई, गरीब की आय कितनी बढ़ी, संस्थाएँ कितनी स्वतंत्र रहीं और संविधान कितना मज़बूत हुआ।

विपक्ष का रुख

पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस उपलब्धियों को नकारने की राजनीति नहीं करती, लेकिन उपलब्धियों की आड़ में जनता के सवाल दबाने की राजनीति भी स्वीकार नहीं की जाएगी। उनके शब्दों में, मोदी के 25 वर्षों का असली रिपोर्ट कार्ड विज्ञापनों में नहीं, बल्कि देश के युवा, किसान, मज़दूर, महिला, गरीब और आम नागरिक की ज़िंदगी में दिखना चाहिए। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनमें से कई — MSP गारंटी, पेपर लीक और रोज़गार के आँकड़े — वास्तव में अनुत्तरित नीतिगत प्रश्न हैं जिन पर संसद में भी बहस होती रही है। दिलचस्प यह है कि BJP का 'सेवा संकल्प अभियान' एक मार्केटिंग रणनीति के रूप में आया है, जो विपक्ष को काउंटर-नैरेटिव का सीधा मौका देती है। मध्य प्रदेश में, जहाँ BJP सत्ता में है, पटवारी का यह हमला राज्य स्तर पर भी कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की कोशिश का हिस्सा लगता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बयानों को महज़ 'पार्टी लाइन' मानकर छोड़ देती है — लेकिन जब सवाल सत्यापन-योग्य डेटा पर आधारित हों, तो उन्हें नज़रअंदाज़ करना पत्रकारिता की कमज़ोरी है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतू पटवारी ने मोदी सरकार से क्या माँग की है?
कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोदी के 25 वर्षों के शासन का तथ्यात्मक हिसाब माँगा है। उन्होंने रोज़गार, MSP गारंटी, नोटबंदी, GST और तीन कृषि कानूनों की वापसी पर सीधे सवाल उठाए हैं।
BJP का सेवा संकल्प अभियान क्या है?
सेवा संकल्प अभियान BJP द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर चलाया जा रहा है। यह अभियान मोदी के 7 अक्टूबर 2001 से गुजरात के मुख्यमंत्री और मई 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल को रेखांकित करता है।
पटवारी ने किसानों के लिए क्या सवाल उठाए?
पटवारी ने पूछा कि यदि तीन कृषि कानून किसानों के हित में थे, तो लगभग एक साल के आंदोलन के बाद उन्हें वापस क्यों लिया गया। उन्होंने किसानों को MSP की कानूनी गारंटी देने की समय-सीमा भी माँगी है।
क्या कांग्रेस मोदी की सभी उपलब्धियों को नकार रही है?
नहीं — पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस उपलब्धियों को नकारने की राजनीति नहीं करती। उनका कहना है कि उपलब्धियों की आड़ में जनता के सवाल दबाए नहीं जाने चाहिए और असली मूल्यांकन विज्ञापनों से नहीं, जनता के जीवन से होना चाहिए।
पटवारी के अनुसार मोदी के 25 साल का असली रिपोर्ट कार्ड क्या होना चाहिए?
पटवारी के मुताबिक, असली रिपोर्ट कार्ड इस बात से तय होना चाहिए कि युवा को कितना रोज़गार मिला, किसान कितना सुरक्षित हुआ, महिला कितनी सुरक्षित हुई, गरीब की आय कितनी बढ़ी, संस्थाएँ कितनी स्वतंत्र रहीं और संविधान कितना मज़बूत हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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