जीतू पटवारी का आरोप: देश में नफरत और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दे रही है सरकार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 21 मई 2025 को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आरोप लगाया कि देश में नफरत और विभाजन की राजनीति को जानबूझकर बढ़ावा दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस एवं जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन
कार्यक्रम में जीतू पटवारी ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कांग्रेसजनों ने स्वर्गीय राजीव गांधी के आदर्शों पर चलने और देश में भाईचारे, लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
सरकार पर आरोप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए पूरे सरकारी और आर्थिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था, प्रशासनिक संस्थाओं और शिक्षा व्यवस्था को कमज़ोर किया है।
पटवारी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार मुक्त भारत, रोज़गार और मज़बूत अर्थव्यवस्था के वादों के साथ सत्ता में आए थे, किंतु आलोचकों का कहना है कि आज देश आर्थिक संकट, बेरोज़गारी और सामाजिक विभाजन की स्थिति का सामना कर रहा है।
नफरत की विचारधारा पर चेतावनी
पटवारी ने कहा कि महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या नफरत की विचारधारा का परिणाम थी, और उनके अनुसार आज भी वही वातावरण देश में तैयार किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में सांप्रदायिक सौहार्द और राजनीतिक विमर्श को लेकर बहस तेज़ है।
राजीव गांधी की विरासत
पटवारी ने कहा कि राजीव गांधी ने आधुनिक भारत की नींव रखी और तकनीकी क्रांति के माध्यम से देश को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज उनके विचारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
कांग्रेस का रुख
पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा देश को जोड़ने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की राजनीति करती रही है। गौरतलब है कि यह बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सीधा राजनीतिक हमला है, जिस पर सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।