अंबाला में स्वच्छ भारत मिशन: केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा — मोदी सरकार के 12 वर्ष विश्वास, विकास और जनकल्याण को समर्पित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने मंगलवार, 9 जून को अंबाला में आयोजित विशेष स्वच्छता कार्यक्रम में भाग लिया, जो केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा था। मंत्री ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई की और नागरिकों से अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का स्वरूप और उपस्थित नेतृत्व
इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल, मेयर अक्षिता सैनी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला अध्यक्ष मनदीप राणा सहित पार्टी के अनेक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंत्री बी.एल. वर्मा — जो केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में राज्य मंत्री हैं — ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संचालित राष्ट्रीय आंदोलन है।
स्वच्छ भारत मिशन की पृष्ठभूमि
मंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की नींव रखी थी। उनके अनुसार, तब से देशभर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और लाखों घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि BJP प्रधानमंत्री के जन्मदिन, पार्टी स्थापना दिवस और डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती जैसे विशेष अवसरों पर भी स्वच्छता अभियान आयोजित करती है।
सरकार की उपलब्धियाँ और कल्याणकारी योजनाएँ
वर्मा ने सरकारी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिछले वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। उन्होंने उज्ज्वला योजना का विशेष उल्लेख किया, जिसके तहत करोड़ों महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन और सब्सिडी का लाभ दिया गया है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' पर्यावरण अभियान का भी संदर्भ दिया और कहा कि बड़ी संख्या में नागरिक इससे जुड़ रहे हैं।
महंगाई और आर्थिक चुनौतियों पर सरकार का रुख
महंगाई और ईंधन की कीमतों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार ऊर्जा और उर्वरक समेत सभी आवश्यक क्षेत्रों पर निरंतर नज़र बनाए हुए है। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक युद्ध जैसी परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद अन्य देशों की तुलना में भारत में कीमतों को नियंत्रित रखा गया है और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने दिया गया।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल का सबसे बड़ा आर्थिक लक्ष्य भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं, जिनमें विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक अवसंरचना को भी आगे बढ़ाया गया है। इस दिशा में आने वाले समय में और ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।