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UPSC शताब्दी समारोह: PM मोदी आज भारत मंडपम में, स्मारक सिक्का और डाक टिकट का होगा विमोचन

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UPSC शताब्दी समारोह: PM मोदी आज भारत मंडपम में, स्मारक सिक्का और डाक टिकट का होगा विमोचन

सारांश

1 अक्टूबर 1926 को स्थापित UPSC आज अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है। PM मोदी भारत मंडपम में शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे और स्मारक सिक्का, डाक टिकट व ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन करेंगे — एक संस्था की यात्रा जो 42,727 आवेदनों से 45 लाख तक पहुँची।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 1 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे भारत मंडपम, नई दिल्ली में UPSC शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री UPSC शताब्दी स्मारक सिक्का , स्मारक डाक टिकट और '100 ऐतिहासिक निर्णय' पुस्तक का विमोचन करेंगे।
UPSC की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को हुई थी; आवेदन संख्या एक सदी में 42,727 से बढ़कर 45,10,044 हो गई।
CSE 2025 में महिलाओं की हिस्सेदारी 31.2 प्रतिशत ; शीर्ष 25 में से 11 रैंक महिलाओं के नाम।
वर्तमान UPSC चेयरमैन अजय कुमार ( 15 मई 2025 से); आठ सदस्यों में तीन महिलाएँ ।
यह दो दिवसीय कार्यक्रम 30 सितंबर को 'मंथन' सत्र के साथ शुरू हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के शताब्दी समारोह में सुबह करीब 11 बजे शिरकत करेंगे और सभा को संबोधित करेंगे। यह आयोजन उन साल भर चले समारोहों का समापन है, जो 1 अक्टूबर 1926 को UPSC की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पिछले वर्ष से चल रहे थे।

समारोह में क्या होगा खास

इस अवसर पर प्रधानमंत्री तीन महत्वपूर्ण चीज़ों का विमोचन करेंगे — UPSC शताब्दी स्मारक सिक्का, एक स्मारक डाक टिकट, और 'भारत में UPSC और लोक सेवा आयोगों की नीतियों को आकार देने वाले 100 ऐतिहासिक निर्णय' शीर्षक पुस्तक। ये तीनों विमोचन भारत की सबसे प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्थाओं में से एक की शताब्दी यात्रा को दस्तावेज़ीकृत करेंगे।

कार्यक्रम में राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष और सदस्य, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, UPSC अधिकारी और देश भर के हितधारक भाग लेंगे। यह दो दिवसीय आयोजन 30 सितंबर से शुरू हुआ था, जिसके पहले दिन 'शताब्दी समारोह — मंथन' में प्रख्यात वक्ताओं के संबोधन के बाद विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चाएँ हुईं।

UPSC की ऐतिहासिक यात्रा

गौरतलब है कि 1 अक्टूबर 1926 को भारत का पहला लोक सेवा आयोग गठित किया गया था। उस समय यह एक सलाहकार संस्था थी, जिसके चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति लंदन में सेक्रेटरी ऑफ स्टेट करते थे। अगली सदी में इस आयोग के ढाँचे, दर्जे और जिम्मेदारियों में क्रमिक बदलाव आए और आज यह एक पूर्णतः स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है।

यह ऐसे समय में आया है जब संस्था की भूमिका और पहुँच दोनों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। भर्ती और चयन के लिए आवेदनों की संख्या 1950-51 में 42,727 से बढ़कर 2022-23 में 45,10,044 के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गई — यानी एक सदी में 100 गुना से अधिक की वृद्धि।

महिला प्रतिनिधित्व में ऐतिहासिक बदलाव

1949 से 1951 के बीच भारतीय विदेश सेवा में सिर्फ एक महिला और IAS में मात्र दो महिलाओं का चयन हुआ था। 1952 में चयनित उम्मीदवारों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 3.6 प्रतिशत थी, जो CSE 2025 में बढ़कर 31.2 प्रतिशत हो गई। इस परीक्षा में महिलाओं ने शीर्ष 25 रैंक में से 11 रैंक हासिल कीं — जो संस्थागत बदलाव का सशक्त प्रमाण है।

वर्तमान नेतृत्व और संरचना

आयोग का नेतृत्व वर्तमान में चेयरमैन अजय कुमार कर रहे हैं, जो 15 मई 2025 से इस पद पर हैं। आयोग के आठ सदस्यों में लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला (रिटायर्ड), सुमन शर्मा, विद्युत बिहारी स्वैन, दिनेश दासा, शील वर्धन सिंह, संजय वर्मा, सुजाता चतुर्वेदी और अनुराधा प्रसाद शामिल हैं। इन आठ में से तीन महिलाएँ हैं, जो संस्था की समावेशी विकास-यात्रा को दर्शाता है।

शताब्दी समारोह के बाद आने वाले दशकों में UPSC की परीक्षा प्रणाली, तकनीकी एकीकरण और समावेशिता के मोर्चे पर और गहरे सुधारों की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समावेशिता के गहरे सवाल — जैसे आर्थिक रूप से कमज़ोर पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों की सफलता दर — इस जश्न में अनुत्तरित रह जाते हैं। प्रधानमंत्री की मौजूदगी इस समारोह को राजनीतिक महत्व देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या अगले सौ साल में UPSC की प्रक्रियाएँ और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और सामाजिक रूप से न्यायसंगत बनेंगी।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPSC का शताब्दी समारोह क्या है और यह कब हो रहा है?
UPSC की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को हुई थी, जिसके 100 वर्ष पूरे होने पर 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 30 सितंबर से शुरू हुआ था।
PM मोदी इस समारोह में क्या विमोचन करेंगे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UPSC शताब्दी स्मारक सिक्का, एक स्मारक डाक टिकट और 'भारत में UPSC और लोक सेवा आयोगों की नीतियों को आकार देने वाले 100 ऐतिहासिक निर्णय' पुस्तक का विमोचन करेंगे।
UPSC में महिलाओं की भागीदारी पिछले कुछ दशकों में कितनी बदली है?
1952 में चयनित उम्मीदवारों में महिलाओं की हिस्सेदारी मात्र 3.6 प्रतिशत थी, जो CSE 2025 में बढ़कर 31.2 प्रतिशत हो गई। इस परीक्षा में महिलाओं ने शीर्ष 25 रैंक में से 11 रैंक हासिल किए।
UPSC के वर्तमान चेयरमैन कौन हैं?
UPSC के वर्तमान चेयरमैन अजय कुमार हैं, जो 15 मई 2025 से इस पद पर हैं। आयोग में आठ सदस्य हैं, जिनमें तीन महिलाएँ शामिल हैं।
UPSC में आवेदनों की संख्या कितनी बढ़ी है?
1950-51 में UPSC को भर्ती के लिए 42,727 आवेदन मिले थे, जो 2022-23 में बढ़कर 45,10,044 हो गए — एक सदी में 100 गुना से भी अधिक की वृद्धि। उस वर्ष आयोग ने 15 परीक्षाएँ आयोजित कीं।
राष्ट्र प्रेस
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