'माउंटेन गार्जियन 2026': चौबटिया में भारत-यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू, 92 जवान लेंगे हिस्सा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में 5 अक्टूबर 2026 से भारत-संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) संयुक्त सैन्य अभ्यास 'माउंटेन गार्जियन 2026' शुरू हो गया है। 18 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस 14 दिवसीय अभ्यास में दोनों देशों के कुल 92 सैनिक बराबर-बराबर संख्या में भाग ले रहे हैं। अभ्यास का मुख्य ध्यान पर्वतीय युद्ध कौशल और कठिन भूभाग में संयुक्त अभियान क्षमता को मजबूत करने पर है।
कौन-कौन से जवान हैं शामिल
भारतीय सेना की ओर से भैरव बटालियन के जवान इस अभ्यास में उतरे हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात की सेना का प्रतिनिधित्व माउंटेन इन्फेंट्री बटालियन के सैनिक कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों की महिला अधिकारी और महिला सैनिक भी इस बार विशेषज्ञ भूमिकाओं में अभ्यास का हिस्सा बनी हैं — जो इस संयुक्त अभ्यास की एक खास विशेषता है।
प्रशिक्षण का स्वरूप
पर्वतीय इलाके में युद्ध संचालन में ऊंचाई, ढलान और दुर्गम भूभाग हर कदम पर चुनौती बन जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अभ्यास में व्यावहारिक और बहुआयामी प्रशिक्षण गतिविधियाँ शामिल की गई हैं। दोनों देशों के जवान सामरिक योजना, युद्धाभ्यास, निशानेबाजी और निगरानी तंत्र स्थापित करने का अभ्यास करेंगे।
इसके अतिरिक्त, ड्रोन संचालन पर विशेष बल दिया जाएगा — जो आधुनिक पर्वतीय युद्ध में तेजी से अहम भूमिका निभा रहा है। सैनिकों की शारीरिक क्षमता परखने के लिए सहनशक्ति प्रशिक्षण, चट्टानों पर चढ़ाई और बाधा प्रशिक्षण भी कार्यक्रम में शामिल हैं।
तकनीक और साझा अनुभव पर जोर
यह अभ्यास केवल परंपरागत सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। दोनों सेनाएं पर्वतीय क्षेत्रों में तकनीक-आधारित सैन्य अभियानों पर भी अनुभव साझा करेंगी। कठिन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, तकनीकों और सैन्य प्रक्रियाओं को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे से सीखेंगे। इसके बाद दोनों सेनाएं मिलकर एकीकृत मैदानी अभ्यास भी करेंगी, जिसमें संयुक्त अभियान क्षमता को परखा जाएगा।
भारत-यूएई रक्षा सहयोग का संदर्भ
यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी लगातार गहरी हो रही है। गौरतलब है कि भारत अपने रक्षा अभ्यासों के दायरे का विस्तार खाड़ी देशों तक तेजी से कर रहा है, जो पश्चिम एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक भागीदारी का संकेत है। 'माउंटेन गार्जियन 2026' दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, सामरिक दृष्टिकोण और तकनीकी क्षमताओं को निकट से समझने का अवसर देता है।
अभ्यास के अपेक्षित परिणाम
अभ्यास के दौरान अर्जित अनुभव दोनों सेनाओं की सामरिक दक्षता, आपसी तालमेल और संयुक्त अभियान क्षमता को और मजबूत करेंगे। साथ ही, यह भारत और यूएई के सैनिकों के बीच मित्रता और विश्वास के संबंध को नई ऊर्जा देगा। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के अगले चरण में इस साझा प्रशिक्षण की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।