क्या आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर हो सकता है?: मुख्यमंत्री योगी
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं की भागीदारी समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण है।
- आधी आबादी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- सीएम योगी का जीरो टॉलरेंस नीति से कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है।
- फिक्की फ्लो महिलाओं के सशक्तिकरण का काम कर रहा है।
- यूपी में पिछले 8 वर्षों में निवेश में वृद्धि हुई है।
लखनऊ, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज तब ही आत्मनिर्भर और प्रगति कर सकता है, जब संगठन नेतृत्व प्रदान करें और सरकार उन्हें समर्थन दे।
सीएम ने फिक्की फ्लो के सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब आधी आबादी सशक्त होगी, तभी समाज भी आगे बढ़ेगा। यदि आधी आबादी आत्मनिर्भर हो जाएगी, तो देश और प्रदेश भी आत्मनिर्भर बनेंगे। जब महिलाएं विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए संकल्पित होंगी, तो भारत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित फिक्की फ्लो के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लिया। उन्होंने फिक्की फ्लो के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि 20 चैप्टर में 16 हजार से अधिक पेशेवर जुड़े हैं, लेकिन 140 करोड़ की जनसंख्या के भारत में यह संख्या कम है। आपने पिछले 11 वर्षों में बदलते भारत को देखा है। देश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है। भारत की अभूतपूर्व प्रगति ने दुनिया का ध्यान खींचा है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने खुद को चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। नया भारत सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। हम जल्द ही तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। इसमें पीएम का मार्गदर्शन और नेतृत्व है, जबकि अर्थव्यवस्था का नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं। उनके नेतृत्व में भारत नई गति प्राप्त कर रहा है। आधी आबादी को नजरअंदाज करके कोई भी समाज आत्मनिर्भर और स्वावलंबी नहीं हो सकता।
सीएम योगी ने कहा कि जब हमें सत्ता मिली थी, तब उत्तर प्रदेश की स्थिति किसी से छिपी नहीं थी। असुरक्षा का माहौल, कानून व्यवस्था में गिरावट, दंगे होते थे। बेटियां, व्यापारी और उद्यमी सभी असुरक्षित थे। जब उत्तर प्रदेश की बागडोर हमारे हाथ में आई, तब हमने सुरक्षा को प्राथमिकता दी और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम करना शुरू किया। आज यूपी की कानून व्यवस्था मॉडल के रूप में जानी जाती है। जहां निवेश नहीं आता था, अब पिछले 8 वर्षों में 45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव लाने में सफलता मिली है।
सीएम योगी ने कहा कि जब हम सत्ता में आए थे, तो महिलाओं की कार्यबल महज 12 से 15 फीसदी थी, जो आज बढ़कर 35-36 फीसदी हो गई है। 2017 में यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या केवल 10 हजार थी, अब यह बढ़कर 44,000 हो गई है। हमने 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की है। स्कूल शिक्षा और आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं का कार्य काफी प्रभावशाली है। यूपी में बेसिक शिक्षा को सुधारने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। आज यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या अधिक है। इन बच्चों को हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, स्वेटर, मोजा, किताबें और जूते दिए जाते हैं। स्कूलों में बेहतर पढ़ाई का माहौल बनाने के लिए फिक्की फ्लो महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।