मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मध्य प्रदेश के अधिकारियों से कार्य योजना बनाने और लक्ष्य तय करने को कहा
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में विकास की गति को बढ़ाने के लिए राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभागाध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी से इस वित्तीय वर्ष के लिए कार्य योजना तैयार करने और लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी विभागाध्यक्षों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि वे सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए अपने विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पिछले ढाई साल में अपने-अपने विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और अगले वर्ष में किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। उन्होंने लोक सेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन से जुड़े लंबित प्रकरणों की समय-सीमा पर चर्चा की और अधिकारियों को हर सप्ताह की समीक्षा करने के लिए कहा ताकि लंबित मामलों का समाधान हो सके।
उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अनुराग जैन ने वर्ष 1947 से पूर्व के कानूनों में संशोधन, निरसन और नए अधिनियम लाने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने 31 मई को अंतिम समय-सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों से कहा कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
बैठक में एक्शन प्लान-2028 की प्रगति रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने इन कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई।
मुख्य सचिव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी ग्रामीण, नगरीय और वन क्षेत्र के कार्यों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों की प्रगति रिपोर्ट को एक ही प्रारूप में रखने के निर्देश दिए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने पेयजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य करने की बात कही। उन्होंने नए हैंडपंप खनन के लिए एसओपी जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि-दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए योजनाएँ बनाने पर जोर दिया।