अभिषेक बनर्जी ने मुकुल रॉय के निधन पर शोक जताया, कहा-बंगाल के राजनीतिक युग का अंत
सारांश
Key Takeaways
- मुकुल रॉय का निधन बंगाल की राजनीति के लिए एक बड़ा सदमा है।
- अभिषेक बनर्जी ने उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
- उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को प्रारंभिक वर्षों में मजबूत किया।
- उनका सार्वजनिक जीवन में समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
कोलकाता, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी ने भी मुकुल रॉय के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। अभिषेक ने एक्स पर लिखा, "मुकुल रॉय के जाने से बंगाल के राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ है। वे एक अनुभवी नेता थे, जिनका योगदान राज्य की राजनीतिक और सार्वजनिक यात्रा में अत्यंत महत्वपूर्ण था। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक स्तंभों में से एक, उन्होंने संगठन को प्रारंभिक वर्षों में विस्तार और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके सार्वजनिक जीवन के प्रति समर्पण को सदैव याद किया जाएगा। मैं उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।"
भाजपा नेता सुधानिधि बंद्योपाध्याय ने भी एक्स पर लिखा, "मुकुल रॉय का कल रात निधन हो गया। वह ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने बंगाल में टीएमसी और भाजपा दोनों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। 2018 से 2020 तक बंगाल में भाजपा के सफलतम दिनों में उनका योगदान अद्वितीय था। उनकी दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना। ओम शांति।"
मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक थे। 1990 के दशक में ममता बनर्जी ने जब कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की, तो वह भारतीय चुनाव आयोग से संपर्क करने वाले पहले नौ नेताओं में से एक थे। पश्चिम बंगाल के कई कांग्रेस नेताओं ने उनका समर्थन किया था।