क्या 2400 एमएम पानी की मुख्य लाइन डायवर्ट करना मुंबई मेट्रो 7ए प्रोजेक्ट की बड़ी उपलब्धि है?
सारांश
Key Takeaways
- 2400 एमएम वॉटर लाइन का सफल डायवर्जन मेट्रो निर्माण में गति लाएगा।
- महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने उत्कृष्ट समन्वय साबित किया।
- मेट्रो लाइन 7ए एयरपोर्ट तक जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है।
- पानी की आपूर्ति पर कोई बड़ी रुकावट नहीं आई।
- जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों का समाधान एमएमआरडीए की कुशलता को दर्शाता है।
मुंबई, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई मेट्रो लाइन 7ए के निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने 2400 मिलीमीटर व्यास वाली अपर वैतरणा वॉटर लाइन को सफलतापूर्वक डायवर्ट कर दिया है। यह कार्य अत्यधिक सावधानी और सटीक इंजीनियरिंग के साथ संपन्न हुआ, जिससे मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण आगे बढ़ सके।
अपर वैतरणा वॉटर की मुख्य पाइपलाइन मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली एक महत्वपूर्ण लाइन है। मेट्रो लाइन 7ए (दहिसर से छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक) के मार्ग में आने के कारण इस पाइपलाइन को स्थानांतरित करना आवश्यक था। एमएमआरडीए ने इस जटिल ऑपरेशन को तय समय के भीतर पूरा किया और पानी की सप्लाई को समयानुसार बहाल कर दिया। इस दौरान, शहर में पानी की आपूर्ति पर कोई बड़ी बाधा नहीं आई, हालांकि कुछ क्षेत्रों में अस्थायी रूप से कम दबाव या बदलाव जरूर देखने को मिले।
इस सफलता के लिए महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कई विभागों के साथ सहयोग किया। इनमें प्लानिंग डिवीजन, आउटसाइड सिटी (ट्रंक मेन्स), हाइड्रोलिक इंजीनियर का ऑफिस और के/ईस्ट वार्ड शामिल हैं। सभी विभागों के बीच उत्कृष्ट तालमेल रहा, जिससे कोई अनावश्यक देरी या समस्या नहीं हुई। यह समन्वय मेट्रो प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुआ।
मेट्रो लाइन 7ए मुंबई की ट्रैफिक जाम को कम करने और एयरपोर्ट तक तेज कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इस लाइन के माध्यम से दहिसर, पोईसर, आकुर्ली, और मागाठाणे जैसे क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक सीधे मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। पानी की पाइपलाइन डायवर्जन जैसे बड़े कार्यों के सफल होने से अब टनलिंग, स्टेशन निर्माण, और अन्य कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।
एमएमआरडीए ने इस उपलब्धि की सूचना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की है। यह कदम मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति को दर्शाता है और मुंबईवासियों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन की उम्मीद जगाता है। ऐसी जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों को बिना किसी बड़ी परेशानी के हल करना एमएमआरडीए की दक्षता को दर्शाता है। अब प्रोजेक्ट के अन्य हिस्सों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि लाइन जल्द से जल्द शुरू हो सके।