मुंबई के वडाला में दिनदहाड़े तीन राउंड फायरिंग, युवक बाल-बाल बचा; तीनों आरोपी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के वडाला पश्चिम इलाके में 18 अक्टूबर 2026 को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। एआईएसएचई कॉलेज के निकट चार रास्ता, आरए किदवई रोड पर एक ओला कैब में सवार तीन व्यक्तियों ने सड़क पर चल रहे एक युवक पर तीन राउंड गोलियाँ चलाईं। गनीमत रही कि युवक मौके से भागने में कामयाब रहा और उसे कोई चोट नहीं आई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
घटनाक्रम: कैसे हुई फायरिंग
पुलिस के प्रारंभिक बयान के अनुसार, तीनों आरोपी एक ओला कार में सवार होकर आरए किदवई रोड पर पहुँचे। वहाँ सड़क पर जा रहे युवक को देखते ही उन्होंने तीन राउंड गोलियाँ चलाईं। अचानक हुई फायरिंग से आसपास मौजूद राहगीर घबरा गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। युवक ने इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई और एक भी गोली उसे नहीं लगी।
गौरतलब है कि घटना के समय ओला कार का चालक भी वाहन में मौजूद था। चालक ने कथित तौर पर घटना की पूर्व जानकारी होने से इनकार किया है, हालाँकि पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
घटना की सूचना मिलते ही माटुंगा पुलिस, क्राइम ब्रांच यूनिट-4 और पुलिस उपायुक्त (DCP) जोन-4 अनुराग जैन मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जाँच की कार्यवाही शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी समेत तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
जाँच एजेंसियाँ तीन प्रमुख सवालों का जवाब खोज रही हैं — वारदात में इस्तेमाल हथियार कहाँ से आए, आरोपियों का पीड़ित युवक से क्या संबंध था, और फायरिंग के पीछे क्या कारण रहा। अधिकारियों ने अभी तक किसी ठोस मकसद की पुष्टि नहीं की है।
इलाके में दहशत का माहौल
वडाला पश्चिम का चार रास्ता क्षेत्र आमतौर पर दिन के समय काफी व्यस्त रहता है। दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया। घटना के बाद पुलिस बल को इलाके में तैनात किया गया।
यह ऐसे समय में हुआ है जब मुंबई पुलिस संगठित अपराध और हथियारों की तस्करी से जुड़े मामलों पर पहले से ही कड़ी नज़र रख रही है। फायरिंग की यह घटना शहर में बढ़ती आपराधिक वारदातों की चिंता को और गहरा करती है।
आगे क्या होगा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के बाद ही घटना का पूरा सच सामने आ सकेगा। DCP अनुराग जैन की निगरानी में जाँच जारी है। हथियारों के स्रोत का पता लगाने के लिए फोरेंसिक जाँच भी शुरू की गई बताई जा रही है। जाँच पूरी होने पर गिरफ्तारी और आरोप-पत्र की कार्यवाही की जाएगी।