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क्या छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला अस्पताल को मिला एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन?

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क्या छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला अस्पताल को मिला एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन?

सारांश

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला अस्पताल ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है। अस्पताल ने सभी 15 स्वास्थ्य सेवा मापदंडों पर 92.33 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई दिशा का संकेत है।

मुख्य बातें

मुंगेली जिला अस्पताल को एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन मिला है।
अस्पताल ने 92.33 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं।
सभी 15 स्वास्थ्य सेवा मापदंडों पर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया गया।
इस सर्टिफिकेशन से अस्पताल को प्रति बेड 10 हजार रुपए का इंसेंटिव मिलेगा।
स्वच्छता और मरीज देखभाल पर जोर दिया गया है।

मुंगेली, 2 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पताल ने इस बार सभी 15 निर्धारित स्वास्थ्य सेवा मापदंडों पर कुल 92.33 प्रतिशत अंक अर्जित करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह सर्टिफिकेशन परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत दिया जाता है।

मुंगेली जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक मील का पत्थर भी है। उन्होंने इस सफलता के लिए समस्त स्वास्थ्यकर्मियों और अधिकारियों को बधाई दी और इसी तरह सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिला अस्पताल मुंगेली के सिविल सर्जन डॉ एम.के. रॉय ने बताया कि विगत छह माह से हम तैयारी कर रहे थे। जांच ग्रेडिंग के लिए दिल्ली से टीम पहुंची थी। टीम वर्क से हमें यह उपलब्धि मिली है। भविष्य में हम और भी बेहतर सेवा के लिए प्रयास करते रहेंगे।

स्वास्थ्य विभाग मुंगेली में पदस्थ आरएमओ संदीप कुमार पाटिल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक एक पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने वाले संस्थानों को मान्यता प्रदान करना है। जिला अस्पताल मुंगेली ने संक्रमण नियंत्रण, रोगी देखभाल, नैदानिक सेवाएं, रिकॉर्ड प्रबंधन, प्रशिक्षित मानव संसाधन, सफाई और मरीज संतुष्टि जैसे सभी महत्वपूर्ण मापदंडों पर उल्लेखनीय कार्य किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया। एनक्यूएएस प्रमाणन के तहत अब जिला अस्पताल को 240 बिस्तरों के आधार पर प्रति बेड 10 हजार रुपए की दर से आगामी तीन वर्षों तक हर वर्ष इंसेंटिव के रूप में राशि प्राप्त होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले छह माह में निरंतर प्रशिक्षण और मूल्यांकन के बाद जिला चिकित्सालय मुंगेली सर्वाधिक अंकों के साथ एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाला अस्पताल बन गया है। इस उपलब्धि में सिविल सर्जन डॉ. एम.के. राय, आरएमओ डॉ. संदीप पाटिल, अस्पताल प्रबंधक सुरभि केशरवानी, मैट्रन दिव्या मसीह तथा समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

दिव्या मसीह ने बताया कि प्रतिदिन आठ-दस गर्भवती महिलाओं की सफल डिलीवरी जिला अस्पताल में हो रही है, जहां उचित मॉनिटरिंग के साथ मरीज की देखभाल सहित बेहतर उपचार किया जाता है, जिसको देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अस्पताल को टीम के निरीक्षण के बाद पुरस्कृत किया गया है। जिला अस्पताल में स्वच्छता का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है। आयुष्मान कार्ड ऑपरेटर ने बताया आम मरीज आयुष्मान कार्ड का लाभ ले रहे हैं।

जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती मरीज के परिजन हिमेश कुमार खांडेकर ने बताया कि यूरिन इन्फेक्शन से पीड़ित पिता का उपचार करने जिला अस्पताल आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर नियमित रूप से उपचार हो रहा है और वह अस्पताल की इलाज, सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं से संतुष्ट हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि मुंगेली जिला अस्पताल का एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन न केवल स्थानीय स्वास्थ्य सेवा में सुधार का प्रतीक है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी अस्पतालों के लिए एक प्रेरणा भी है। यह प्रमाणन गुणवत्ता की दिशा में एक ठोस कदम है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन क्या है?
एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए दिया जाता है।
मुंगेली अस्पताल ने कितने अंक प्राप्त किए?
मुंगेली अस्पताल ने सभी मापदंडों पर 92.33 प्रतिशत अंक अर्जित किए।
इस सर्टिफिकेशन का लाभ क्या है?
इस सर्टिफिकेशन के तहत अस्पताल को प्रति बेड 10 हजार रुपए की राशि इंसेंटिव के रूप में मिलेगी।
इस उपलब्धि के पीछे कौन-कौन है?
इस उपलब्धि में सिविल सर्जन, आरएमओ, अस्पताल प्रबंधक और समस्त स्टाफ का योगदान रहा है।
क्या अस्पताल में स्वच्छता का ध्यान रखा गया है?
हाँ, अस्पताल में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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