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मुरैना में रेत माफिया ने वन आरक्षक की ट्रैक्टर से हत्या की, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

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मुरैना में रेत माफिया ने वन आरक्षक की ट्रैक्टर से हत्या की, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

सारांश

मुरैना में रेत माफिया ने एक वन आरक्षक को ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। इस घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

मुरैना में वन आरक्षक की हत्या गंभीर मुद्दा है।
पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
यह घटना अवैध उत्खनन की समस्या को उजागर करती है।
मृतक का पोस्टमार्टम चल रहा है।

मुरैना 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रेत माफिया ने वन विभाग के एक आरक्षक की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी है। पुलिस ने आरोपी की खोज में तेजी लाने का निर्णय लिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि दिमनी थाना क्षेत्र के एक तिराहे पर बुधवार की सुबह वन विभाग का दल तैनात था। जब अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया गया, तब ट्रैक्टर चालक ने वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रैक्टर और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। मृतक का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।

मुरैना जिला हमेशा अवैध उत्खनन के लिए चर्चित रहा है। यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी कर्मचारी की जान गई हो, इससे पूर्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी नरेंद्र कुमार भी रेत माफियाओं का शिकार बन चुके हैं। एक डिप्टी रेंजर भी माफिया की बर्बरता का शिकार हो चुका है।

मुरैना की इस घटना पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों के हौसले बेहद बुलंद हैं। मुरैना में रेत माफिया द्वारा वन विभाग की टीम पर हमला कर आरक्षक हरकेश गुर्जर की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर देना न केवल भयावह है, बल्कि यह दर्शाता है कि प्रदेश में मौजूद अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं रहा।

उन्होंने आगे कहा कि यह घटना प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और भाजपा सरकार की सुशासन की तस्वीर है, अवैध खनन माफिया दिनदहाड़े कानून के रक्षकों की हत्या कर रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। यह शासन की विफलता और अपराधियों को मिली संरक्षण का स्पष्ट उदाहरण है। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले का संज्ञान लें और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक व्यापक समस्या का हिस्सा है, जहां रेत माफिया खुलेआम कानून की धज्जियाँ उड़ाते हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरैना में यह घटना कब हुई?
यह घटना 8 अप्रैल को मुरैना जिले में हुई।
क्या पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की?
हां, पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए मामला दर्ज किया है।
इस घटना पर नेताओं की क्या प्रतिक्रिया है?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
क्या यह पहली बार है जब किसी सरकारी कर्मचारी की जान गई है?
नहीं, इससे पहले भी रेत माफियाओं के हमले में सरकारी कर्मचारी की जान जा चुकी है।
क्या मृतक का पोस्टमार्टम किया गया?
हां, मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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