11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण के खिलाफ हाईकोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण के खिलाफ हाईकोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार?

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से मना कर दिया है। यह याचिका मुर्शिदाबाद में एक नई मस्जिद के निर्माण को लेकर थी, जो राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का कारण बन रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।
हुमायूं कबीर ने विवादास्पद घोषणा की।
मस्जिद का निर्माण राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का कारण बना।
राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया।

कोलकाता, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस) कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ दायर उस जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 'बाबरी मस्जिद' बनाने की घोषणा की थी। उनकी यह घोषणा अयोध्या के पुराने ढांचे की तर्ज पर मस्जिद निर्माण को लेकर थी, जिसके बाद देश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ गई।

अदालत के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की पीठ ने साफ कहा कि इस जनहित याचिका पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, उन्होंने कबीर को निर्देश दिया कि यदि वे 6 दिसंबर को मस्जिद के शिलान्यास का कार्यक्रम करना चाहते हैं, तो वह कानून-व्यवस्था के अनुसार होना चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस को भी आदेश दिया कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह का तनाव या गड़बड़ी न होने पाए।

राज्य सरकार की ओर से वकील ने भरोसा दिलाया कि पुलिस इस मामले में हर जरूरी कदम उठाएगी, लेकिन याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और सीपीआई (एम) के सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि यह कार्यक्रम एक बेहद संवेदनशील क्षेत्र में रखा गया है, जहां पहले भी तनाव और हिंसा हो चुकी है। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम से फिर से बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।

कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी निर्देश दिया कि वह राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्यक्रम के दिन कानून और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करे।

इस बीच मस्जिद का मसला सिर्फ राजनीतिक नहीं रहा है। हुमायूं कबीर जिस जगह मस्जिद बनाना चाहते हैं, उस जमीन के मालिक किसान ने साफ मना कर दिया कि वह जमीन बेचेगा भी नहीं और उस पर 'बाबरी मस्जिद' बनाने भी नहीं देगा। उसने तो जमीन के चारों ओर चारदीवारी भी खड़ी कर दी है। वहीं हुमायूं कबीर का कहना है कि वह मस्जिद बनवाने के लिए जान देने को भी तैयार हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने कबीर की विवादित टिप्पणी पर कड़ा रुख अपनाते हुए गुरुवार को उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि हुमायूं कबीर का बयान धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला है और पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन करता है। हकीम ने यहां तक आरोप लगाया कि भाजपा इस पूरे मामले में कबीर को आगे रखकर विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम घटनाओं को निष्पक्षता से देखें। यह मामला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी संवेदनशील है। हमें सभी पक्षों की चिंता और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए, जबकि कानून और व्यवस्था को बनाए रखना भी आवश्यक है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाईकोर्ट ने कबीर के खिलाफ याचिका पर क्यों विचार नहीं किया?
कोलकाता हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, क्योंकि इसे संवेदनशील मुद्दा माना गया।
क्या मस्जिद का निर्माण विवादास्पद है?
हाँ, यह मस्जिद का निर्माण राजनीतिक और सामाजिक विवादों का कारण बन रहा है।
राज्य सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने पुलिस को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है ताकि कार्यक्रम के दौरान कोई तनाव न हो।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले