मुंबई में मुस्लिम महिला का पति पर शोषण का आरोप, बुलडोजर एक्शन की मांग

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मुंबई में मुस्लिम महिला का पति पर शोषण का आरोप, बुलडोजर एक्शन की मांग

सारांश

मुंबई की एक मुस्लिम महिला ने पति वसीम अली शेख पर मारपीट, शोषण और जबरन गर्भपात के आरोप लगाए। पीड़िता और उसके पिता ने पीएम मोदी से लव जिहाद व तीन तलाक कानून सख्त करने और आरोपी के घर पर बुलडोजर एक्शन की मांग की।

Key Takeaways

  • मुंबई के साकी नाका की एक मुस्लिम महिला ने पति वसीम अली शेख पर शोषण और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए।
  • शादी 1 दिसंबर 2019 को हुई थी, लेकिन पति का विवाहेतर संबंध शादी से पहले और बाद तक जारी रहा।
  • पीड़िता के पिता का आरोप है कि दूसरी बेटी का जबरन गर्भपात कराया गया।
  • आरोपी पर तीन महिलाओं को शिकार बनाने का आरोप है।
  • पीड़िता और उसके पिता ने पीएम मोदी से लव जिहाद और तीन तलाक कानून और सख्त करने की अपील की।
  • पीड़िता ने यूपी की तर्ज पर बुलडोजर एक्शन की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई।

मुंबई, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के साकी नाका इलाके की एक मुस्लिम महिला ने अपने पति वसीम अली शेख पर गंभीर शोषण, मारपीट और विवाहेतर संबंध रखने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता और उसके पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 'लव जिहाद' और तीन तलाक पर मौजूदा कानूनों को और कठोर बनाने की मांग की है। पीड़िता ने आरोपी के घर पर बुलडोजर एक्शन की भी अपील की है।

शादी से पहले और बाद तक चलता रहा विवाहेतर संबंध

पीड़िता के पिता ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि उनकी बेटी की शादी 1 दिसंबर 2019 को वसीम अली शेख से हुई थी। उनके अनुसार, शादी से पहले आरोपी का दूसरे समुदाय की एक लड़की के साथ अफेयर था, जिसे उन्होंने 'लव जिहाद' की श्रेणी में रखा। पिता का आरोप है कि आरोपी ने उस लड़की का इस्तेमाल किया और बाद में उनकी बेटी से शादी कर ली।

जब पीड़िता को पति के विवाहेतर संबंध का पता चला और उसने अपनी सास से इस बारे में बात की, तो सास ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता ने स्वयं बताया कि शादी के बाद भी पति का बाहर संबंध जारी रहा और उसने आपत्तिजनक तस्वीरों का आदान-प्रदान किया।

दूसरी बेटी की कोख में हत्या का आरोप

पीड़िता के पिता ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उनके अनुसार पहले बच्चे के जन्म के बाद जब दूसरी गर्भावस्था में लड़की होने की जानकारी हुई, तो जबरन गर्भपात (अबॉर्शन) करवाया गया। यह आरोप अत्यंत गंभीर है और भारतीय कानून के तहत लिंग-चयनित गर्भपात एक दंडनीय अपराध है।

पीड़िता के पिता ने यह भी बताया कि आरोपी वसीम अली शेख अब तक तीन महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है। उन्होंने मांग की कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में अपराधियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाता है, वैसी ही कार्रवाई मुंबई में भी होनी चाहिए।

पीड़िता की आपबीती — इंसाफ की गुहार

पीड़िता ने राष्ट्र प्रेस से अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि वह एक महिला होने के नाते कुछ बातें सार्वजनिक रूप से नहीं कह सकती, लेकिन उसके साथ जो हुआ वह हद से आगे था। उसने बताया कि उसने पति और उस लड़की के बीच आपत्तिजनक तस्वीरों का आदान-प्रदान देखा था। पीड़िता के साथ नियमित रूप से मारपीट भी की जाती थी।

पीड़िता ने अदालत और सरकार दोनों से न्याय की अपील की है। उसने आरोपी के घर पर बुलडोजर एक्शन की मांग दोहराई और कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

लव जिहाद और तीन तलाक कानून पर सख्ती की मांग

पीड़िता और उसके पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी अपील की है कि 'लव जिहाद' और तीन तलाक पर बने कानूनों को और अधिक कठोर किया जाए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2019 में तीन तलाक विरोधी कानून पारित किया था, जिसे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना गया था। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर महिलाओं के शोषण की घटनाएं थमती नहीं दिख रही हैं।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि की चिंता जताई जा रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के आंकड़ों के अनुसार घरेलू हिंसा की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि कानून बनने के बाद उसके प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कौन सुनिश्चित करेगा।

आगे क्या होगा?

फिलहाल यह मामला सामाजिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर ध्यान आकर्षित कर रहा है। पीड़िता के परिजनों ने संकेत दिया है कि वे मुंबई पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। यदि पुलिस इस मामले में कार्रवाई करती है, तो यह मुंबई में 'लव जिहाद' और घरेलू हिंसा के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले की कानूनी और राजनीतिक दोनों दिशाओं में निगाहें टिकी रहेंगी।

Point of View

बल्कि उस व्यापक सामाजिक विफलता का प्रतिबिंब है जहां कानून बनने के बाद भी महिलाएं न्याय के लिए मीडिया का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हैं। 2019 में तीन तलाक विरोधी कानून पारित हुआ, फिर भी पीड़िता को सड़क पर आकर इंसाफ मांगना पड़ रहा है — यह विरोधाभास कानून की सीमा नहीं, उसके क्रियान्वयन की विफलता दर्शाता है। 'बुलडोजर एक्शन' की मांग यह भी संकेत देती है कि आम नागरिकों का पारंपरिक न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है और वे प्रतीकात्मक त्वरित न्याय की ओर देख रहे हैं। मुख्यधारा की मीडिया इस मामले को केवल सांप्रदायिक कोण से देखती है, लेकिन असली सवाल यह है कि घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के मामलों में पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही कब तय होगी।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

मुंबई में मुस्लिम महिला ने पति पर क्या आरोप लगाए हैं?
मुंबई की पीड़ित महिला ने पति वसीम अली शेख पर मारपीट, शोषण, विवाहेतर संबंध और जबरन गर्भपात कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने आरोप लगाया कि शादी से पहले और बाद तक पति का दूसरी लड़की से संबंध रहा।
पीड़िता ने बुलडोजर एक्शन की मांग क्यों की?
पीड़िता और उसके पिता ने उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की तर्ज पर आरोपी के घर पर भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका मानना है कि आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
लव जिहाद और तीन तलाक पर क्या कानून है?
केंद्र सरकार ने 2019 में तीन तलाक विरोधी कानून पारित किया था जो इसे दंडनीय अपराध बनाता है। लव जिहाद के संदर्भ में कई राज्यों ने अपने स्तर पर कानून बनाए हैं, हालांकि केंद्रीय स्तर पर कोई एकीकृत कानून अभी नहीं है।
क्या मुंबई पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार पीड़िता के परिजन मुंबई पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या भारत में जबरन गर्भपात कराना अपराध है?
हां, भारत में बिना महिला की सहमति के गर्भपात कराना और लिंग-चयनित गर्भपात दोनों दंडनीय अपराध हैं। PCPNDT एक्ट और IPC की धाराओं के तहत इसके लिए कठोर सजा का प्रावधान है।
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