क्या मुस्तफिजुर रहमान और क्रिकेट से जुड़े समझौते को रद्द करना सराहनीय कदम है: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी?

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क्या मुस्तफिजुर रहमान और क्रिकेट से जुड़े समझौते को रद्द करना सराहनीय कदम है: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी?

सारांश

बरेली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने बीसीसीआई के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान और मुस्तफिजुर रहमान के बीच क्रिकेट समझौते को रद्द करना एक सराहनीय कदम है। क्या यह निर्णय भारत के अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखता है?

Key Takeaways

  • बीसीसीआई का मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्णय
  • मौलाना रजवी का समर्थन और विरोध
  • भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति
  • शाहरुख खान का वफादार नागरिक के रूप में चित्रण
  • बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार

बरेली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शनिवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा लिए गए हालिया निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान और बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के बीच क्रिकेट से जुड़े समझौते को रद्द करना बीसीसीआई का एक सराहनीय कदम है।

मौलाना रजवी बरेलवी ने कहा कि बीसीसीआई ने यह निर्णय भारत के बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक, दोनों समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। मैं बीसीसीआई के इस फैसले का स्वागत करता हूं। यह एक ऐसा कदम है, जिससे यह संदेश जाता है कि देश की जनता की भावनाएं सर्वोपरि हैं और उनसे समझौता नहीं किया जा सकता।

इस दौरान मौलाना ने अभिनेता शाहरुख खान के समर्थन में भी खुलकर बयान दिया। शाहरुख खान को 'गद्दार' कहे जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि शाहरुख खान देश के गद्दार नहीं, बल्कि एक वफादार नागरिक हैं। शाहरुख खान न सिर्फ भारत की मशहूर शख्सियत हैं, बल्कि उन्होंने अपने काम और व्यवहार से देश का नाम दुनिया भर में रोशन किया है।

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे जुल्म और ज्यादतियों से भारत का मुसलमान समाज भी चिंतित है। भारत के मुसलमान इंसानियत हर तरह के अत्याचार के खिलाफ हैं, चाहे वह किसी भी धर्म या समुदाय के लोगों पर क्यों न हो। मौलाना ने भारत सरकार से मांग की कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए।

बता दें कि बीसीसीआई के निर्देश के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 के लिए चुनी गई अपनी टीम से रिलीज कर दिया है।

इस संबंध में केकेआर की ओर से जारी बयान में कहा गया, "फ्रेंचाइजी स्पष्ट करती है कि बीसीसीआई ने आईपीएल के रेगुलेटर के तौर पर उसे आने वाले इंडियन प्रीमियर लीग सीजन से पहले मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया है। यह रिलीज भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के निर्देश पर, सही प्रक्रिया और सलाह के बाद की गई है। बीसीसीआई, आईपीएल के नियमों के अनुसार कोलकाता नाइट राइडर्स को एक रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की इजाजत देगा। आगे की जानकारी सही समय पर दी जाएगी।"

Point of View

हमें यह समझना चाहिए कि मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी का बयान भारतीय क्रिकेट के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह फैसला न केवल क्रिकेट की दुनिया में, बल्कि समाज में भी गहरे प्रभाव डाल सकता है। हमें इस पर ध्यान देना चाहिए कि किस प्रकार ऐसे निर्णय सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर सकते हैं।
NationPress
04/01/2026

Frequently Asked Questions

बीसीसीआई ने मुस्तफिजुर रहमान को क्यों रिलीज किया?
बीसीसीआई ने निर्देश दिया था कि मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज किया जाए, यह निर्णय भारतीय क्रिकेट के नियमों के अनुसार लिया गया है।
क्या मौलाना रजवी का बयान महत्वपूर्ण है?
हां, मौलाना रजवी का बयान इस निर्णय को सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाता है और यह भारत के विभिन्न समुदायों की भावनाओं को दर्शाता है।
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