क्या मुजफ्फरनगर में पेपर मिल में धमाका हुआ? शिफ्ट इंचार्ज की मौत और 4 कर्मचारी झुलसे

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क्या मुजफ्फरनगर में पेपर मिल में धमाका हुआ? शिफ्ट इंचार्ज की मौत और 4 कर्मचारी झुलसे

सारांश

मुजफ्फरनगर के वीर बालाजी पेपर मिल में रविवार को हुए एक भीषण धमाके ने दहशत फैला दी। इस घटना में शिफ्ट इंचार्ज अंकित शर्मा की मृत्यु हो गई, जबकि चार अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं और फैक्ट्री के खिलाफ प्रदूषण के आरोप लगा रहे हैं।

मुख्य बातें

धमाका मुजफ्फरनगर के वीर बालाजी पेपर मिल में हुआ।
शिफ्ट इंचार्ज अंकित शर्मा की मौत हो गई।
चार अन्य कर्मचारी झुलस गए हैं।
स्थानीय लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
फैक्ट्री के खिलाफ प्रदूषण के आरोप लग रहे हैं।

मुजफ्फरनगर, 6 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक गंभीर घटना सामने आई है। रविवार को एक कंपनी में काम करते समय एक बड़ा धमाका हुआ, जिसमें एक कर्मचारी की जान गई और अन्य 4 कर्मचारी गंभीरता से झुलस गए। यह घटना थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव तिगरी में स्थित वीर बालाजी पेपर मिल में हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीर बालाजी पेपर मिल में सुबह तड़के विस्फोट हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि मशीन का एक हिस्सा उड़ गया और दीवार का एक टुकड़ा गिर गया। घटना के समय कंपनी का शिफ्ट इंचार्ज अंकित शर्मा यहां कार्यरत था, जो इस हादसे में चपेट में आ गया। अन्य 4 कर्मचारी भी झुलस गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि उसके प्रभाव से आसपास के घर भी हिल गए। इससे गांव में दहशत फैल गई। जब घटना की जानकारी जुटाई गई, तो देखा गया कि सब कुछ बिखरा पड़ा था। स्थानीय व्यक्ति के अनुसार, एक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 4 कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस फैक्ट्री का शुरू से ही विरोध किया गया था, क्योंकि इससे प्रदूषण फैल रहा था, परंतु प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। हवा और पानी दोनों प्रदूषित हो चुके हैं, जिससे गांव के लोगों में कैंसर जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं।

फिलहाल, स्थानीय लोग मृतक अंकित शर्मा के परिवार के साथ खड़े होकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

मृतक के परिजनों ने कहा कि अन्य स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण अंकित को रात में फैक्ट्री में रोका गया था। हमें सुबह साढ़े 5 बजे इस हादसे की सूचना दी गई। अंकित के परिजनों ने सवाल उठाया है कि रात 11 बजे से फोन बंद था, और सुबह साढ़े 5 बजे सीधे घटना की जानकारी दी गई। इस बीच में क्या हुआ, इसकी जांच की जानी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इस प्रकार की घटनाएं केवल औद्योगिक सुरक्षा की कमी का परिणाम नहीं हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का भी परिणाम हैं। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे हादसे दोबारा न हों, और इसके लिए सख्त नियमों की आवश्यकता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुजफ्फरनगर में धमाका कब हुआ?
धमाका 6 जुलाई को सुबह तड़के हुआ।
क्या धमाके में किसी की जान गई?
जी हाँ, इस घटना में शिफ्ट इंचार्ज अंकित शर्मा की मृत्यु हो गई।
घटना में अन्य कर्मचारियों की स्थिति क्या है?
घटना में चार अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज चल रहा है।
स्थानीय लोग मुआवजे की मांग क्यों कर रहे हैं?
स्थानीय लोग मृतक अंकित शर्मा के परिवार के साथ मिलकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
क्या इस फैक्ट्री के खिलाफ पहले से कोई विरोध हुआ था?
हाँ, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस फैक्ट्री के कारण प्रदूषण फैल रहा था, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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