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क्या मौलाना तौकीर रजा ने नेम प्लेट विवाद पर अपनी राय दी?

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क्या मौलाना तौकीर रजा ने नेम प्लेट विवाद पर अपनी राय दी?

सारांश

कांवड़ यात्रा मार्ग पर विवाद बढ़ रहा है। मौलाना तौकीर रजा ने नेम प्लेट विवाद का समर्थन किया है और पैंट उतारने वालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जानिए इस मामले में उनकी क्या राय है।

मुख्य बातें

नेम प्लेट लगाने का उद्देश्य पहचान को उजागर करना है।
धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना आवश्यक है।
सत्यापन और पहचान को गर्व से प्रस्तुत करना चाहिए।

बरेली, 3 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कांवड़ यात्रा मार्ग पर ‘नेम प्लेट’ विवाद के संबंध में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां सत्ता पक्ष इसे सही ठहरा रहा है, वहीं विपक्षी दल इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच, इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान ने ‘नेम प्लेट’ लगाने के निर्णय का समर्थन किया है।

कांवड़ यात्रा के संदर्भ में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के नेता मौलाना तौकीर रजा खान ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा, "सरकारी आदेश का पालन और उस पर अमल होना अनिवार्य है। मैं खुद मांस की खुली बिक्री का विरोध करता हूं, खासकर ऐसे अवसरों पर जब लोग अपनी आस्था और भक्ति के साथ सड़कों पर होते हैं। ऐसे समय में कोई ऐसा कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों।"

मौलाना तौकीर रजा खान ने ‘नेम प्लेट’ लगाने के आदेश का जिक्र करते हुए कहा, "‘नेम प्लेट’ लगाने का असली उद्देश्य क्या है? यह दर्शाता है कि आपकी पहचान क्या है। जो लोग अपनी पहचान छिपाते हैं, उन्हें मैं यही कहना चाहूंगा कि जब हम अपनी पहचान बताने लगेंगे, तब ऐसा करने वाले खुद को छुपाने की कोशिश करेंगे। अपनी पहचान छिपाना गलत है, और हमें इसे उजागर करना चाहिए, चाहे वह हमारे लिबास, शक्ल या बातचीत से हो। हमें यह सोचना चाहिए कि हमें ‘नेम प्लेट’ क्यों लगानी पड़ती है? क्योंकि हम अपनी पहचान छिपाते हैं।"

मौलाना तौकीर रजा ने मुजफ्फरनगर में एक व्यक्ति की पैंट उतारे जाने की घटना पर कहा, "हम अपने देश और देशवासियों से प्यार करने वाले सच्चे मुसलमान हैं। हम किसी से नफरत नहीं करते। अगर हमें किसी से समस्या है, चाहे वह सरकार हो या प्रशासन, तो हमें उन्हें बताना चाहिए कि हमें क्या करना चाहिए। मैं कहना चाहूंगा कि जो लोग पैंट उतारते हैं, वे सबसे बड़े आतंकवादी हैं। हाल की घटना में, आतंकियों ने ऐसा करना सीखा है, इसलिए उनसे बड़ा आतंकवादी कोई नहीं है। जो लोग अपनी पैंट नहीं उतारना चाहते, मैं चाहता हूं कि वे अपनी पहचान के साथ जिएं। हमें ताजगी से यह दर्शाना चाहिए कि हम अपने देश के प्रति सच्चे मुसलमान हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उसे गर्व से प्रस्तुत भी करना चाहिए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेम प्लेट विवाद क्या है?
नेम प्लेट विवाद कांवड़ यात्रा के दौरान पहचान को लेकर उठे सवालों से संबंधित है।
मौलाना तौकीर रजा का इस मामले में क्या कहना है?
उन्होंने नेम प्लेट लगाने के आदेश का समर्थन किया है और पहचान को उजागर करने पर जोर दिया है।
मुजफ्फरनगर की घटना क्या थी?
एक व्यक्ति की पैंट उतारे जाने की घटना को लेकर मौलाना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राष्ट्र प्रेस
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