क्या नाना पटोले को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है? : भाजपा नेता श्रीकांत तारा पंडित
सारांश
Key Takeaways
- नाना पटोले का बयान विवादित है।
- श्रीकांत तारा पंडित ने गंभीरता से न लेने की बात की।
- कांग्रेस को आत्मचिंतन की आवश्यकता है।
- महाराष्ट्र की जनता महायुति सरकार के साथ है।
- विकास की गति तेज हुई है।
मुंबई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता श्रीकांत तारा पंडित ने महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से की थी।
श्रीकांत तारा पंडित ने गुरुवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वर्तमान समय में नाना पटोले को कोई भी महाराष्ट्र की राजनीति में गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनकी किसी भी बात पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और यह कहना गलत नहीं होगा कि राहुल गांधी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते हैं।
उन्होंने कहा कि जब इस देश में राम मंदिर को लेकर आंदोलन चल रहा था, तब कांग्रेस ने अदालत में राम मंदिर के अस्तित्व पर प्रश्न उठाए थे। ऐसे में, कांग्रेस के किसी भी नेता को राम मंदिर पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है। ये लोग बस चर्चा में बने रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, जिसका आपस में कोई मतलब नहीं है। मुझे लगता है कि अगर इन लोगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो बेहतर होगा।
भाजपा नेता ने कहा कि अगर राहुल गांधी में हिम्मत है, तो उन्हें कहकर दिखाना चाहिए कि वे भगवान राम का कार्य आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन मुझे पता है कि ये ऐसा नहीं कहेंगे। ऐसे में, नाना पटोले का बयान किसी भी मायने में महत्वपूर्ण नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की तुलना का कोई सवाल नहीं उठता। उन्हें स्वयं की तुलना खुद से करनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी के लिए यह मजबूरी बन गई है कि वे बार-बार राहुल गांधी को राजनीति में प्रोजेक्ट कर रही है, जबकि यह सत्य है कि राहुल गांधी एक विफल प्रोजेक्ट हैं। अफसोस की बात है कि कांग्रेस के नेताओं के पास अब गांधी परिवार के आगे झुकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने महायुति सरकार का अनुभव किया है। ऐसे में कांग्रेस या किसी अन्य दल के पास कोई विकल्प नहीं है। इन लोगों को अपनी विसंगतियों को समझने के लिए आत्मचिंतन करना चाहिए। आप नगरपालिका के चुनावों में देख सकते हैं कि इनका क्या हाल हुआ। मुझे इस बात में कोई संकोच नहीं है कि प्रदेश की जनता ने इनकी असलियत दिखा दी थी, लेकिन अफसोस है कि ये अपनी खामियों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। अब महाराष्ट्र की जनता समझ चुकी है कि आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में ही है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने महायुति के शासनकाल में विकास की गति को तेज होते हुए देखा है। लोगों ने देखा है कि किस प्रकार प्रदेश में विकास के कार्य हुए हैं और आज समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक विकास कार्यों का लाभ पहुँच पा रहा है। इसका श्रेय अगर किसी को जाता है, तो वह प्रदेश की वर्तमान सरकार है।