क्या नारेबाजी करने वालों में शरजील इमाम और उमर खालिद की विचारधारा का जिन्न आ चुका है?: दिनेश शर्मा
सारांश
Key Takeaways
- भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत है।
- राहुल गांधी का हर अनुमान गलत साबित होता है।
- सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया है।
- भारत 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
- सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाले लोग कानून के कटघरे में आएंगे।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राहुल गांधी के द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था को 'डेड इकॉनमी' कहे जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के सभी अनुमान गलत साबित होते हैं। भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है।
शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि आरबीआई ने 7.3 प्रतिशत अर्थव्यवस्था में वृद्धि का अनुमान लगाया था। आईएमएफ जैसे अन्य संस्थानों ने इसे 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच बताया था, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.4 प्रतिशत से भी अधिक गति से प्रगति की है। इसका मुख्य कारण निजी उपभोग और घरेलू मांग है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रारंभिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया है। सेवा क्षेत्र में भी 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा वित्तीय सेवाएं, आईटी सेक्टर और अन्य क्षेत्रों में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। व्यापार और होटलों में भी 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सेवा निर्यात में भी 8 से 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ये सभी सुधार मुद्रास्फीति पर नियंत्रण, इनकम टैक्स और जीएसटी में सुधारों के कारण संभव हुए हैं।
शर्मा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है और भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर चल रही राजनीति पर ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को लगता है कि कुशासन के कारण उनकी सत्ता जाने वाली है, इसलिए वे एसआईआर को रोकने की कोशिश कर रही हैं। बिहार जैसे राज्यों में एसआईआर लागू हो चुका है। अन्य राज्यों में 70 प्रतिशत तक यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो क्या पश्चिम बंगाल कोई विशेष राज्य है?
दिनेश शर्मा ने कहा कि आपके पास अधिकार है कि आप छूटे हुए नामों को जोड़ सकते हैं, तो ऐसे बयान क्यों दिए जा रहे हैं?
उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकार के कार्यों पर प्रतिक्रिया की बात करता है, तो सरकार के पास कठोर दंड का विकल्प भी है। दंड केवल नहीं होगा, बल्कि ऐसा होगा कि तीन पीढ़ियां याद रखेंगी। यह भी मायने नहीं रखता कि वह हिंदू है या मुसलमान। कानून को अपने हाथ में लेने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होगी। यदि कोई असंवैधानिक तरीके से रुकावट पैदा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का विकल्प भी है।
उन्होंने कहा कि दंगा भड़काने में शामिल लोग सांसद, विधायक या पार्षद होना मायने नहीं रखता। यह छोटे या बड़े होने का सवाल नहीं है। यदि कोई सीसीटीवी फुटेज में दिखता है, तो वह कानून के कटघरे में आएगा। उन्होंने कहा कि कानून का पालन दिन या रात में हो रहा है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कार्रवाई की होगी। पहले आकलन किया गया होगा और फिर निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने वालों में शरजील इमाम और उमर खालिद की विचारधारा का जिन्न आ चुका है। इन लोगों का तिहाड़ जेल इंतजार कर रहा है।