महिलाओं के लिए आरक्षण की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम: सीएम विष्णु देव साय का महत्वपूर्ण आह्वान
सारांश
Key Takeaways
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के लिए 33%25 आरक्षण सुनिश्चित करता है।
- मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है।
- यह पहल छत्तीसगढ़ के 'महतारी गौरव वर्ष' का हिस्सा है।
रायपुर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एक ऐतिहासिक कदम करार दिया है, जो महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगामी 16 अप्रैल को संसद में इस अधिनियम पर प्रस्तावित महत्वपूर्ण चर्चा के संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा किया है, जिसमें मातृशक्ति की भागीदारी और इसे जन आंदोलन में परिवर्तित करने का आह्वान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पत्र साझा करते हुए मातृशक्ति से एक अहम अपील की है। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में महिलाओं से सक्रिय भागीदारी का अनुरोध किया है और इसे जन आंदोलन में बदलने का आग्रह किया है।
सीएम साय ने पत्र में लिखा कि मातृशक्ति के सशक्तीकरण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 16 अप्रैल को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महत्वपूर्ण चर्चा होने जा रही है। यह पहल लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह अवसर और भी खास है, क्योंकि हमारी सरकार इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मना रही है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मातृशक्ति के सम्मान, आत्मसम्मान और सशक्त भविष्य के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश की सभी महिला संगठनों, बहनों और मातृशक्तियों से निवेदन करता हूँ कि इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और सकारात्मक जनमत निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। आपकी आवाज़, आपका समर्थन देश के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी निर्णय को और मजबूती प्रदान करेगा। आइए, हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक पहल को जन आंदोलन बनाएं।