नसीम सिद्दीकी ने एशियन गेम्स गोल्ड पर बधाई दी, गुजरात UCC और युवा बेरोज़गारी पर सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 3 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एशियन गेम्स में भारत द्वारा पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीतने पर भारतीय टीम को बधाई दी और साथ ही गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने, दिल्ली में छात्रों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में UCC, छात्र आंदोलन और इंडिया गठबंधन की आंतरिक एकता को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है।
एशियन गेम्स में भारत की जीत: युवा प्रतिभा को पहचानने की ज़रूरत
सिद्दीकी ने कहा कि भारतीय टीम का एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल जीतना देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि देश के युवाओं में अपार प्रतिभा मौजूद है और सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी इस प्रतिभा को पहचानने और निखारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उनके अनुसार, यदि सही अवसर मिले तो भारत आने वाले समय में पदक तालिका में शीर्ष स्थानों पर पहुँच सकता है।
गुजरात UCC पर सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप
गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने के बाद सिद्दीकी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता के असली मुद्दों — महंगाई, बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि — से ध्यान भटकाने के लिए UCC का सहारा ले रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाली सरकार UCC सहित ऐसे कानूनों को रद्द करेगी। सिद्दीकी के अनुसार, युवाओं की आर्थिक माँगों को सुनना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
दिल्ली में छात्रों पर एफआईआर: युवाओं की आवाज़ दबाने का प्रयास
दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्रों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने और इस दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने के मुद्दे पर सिद्दीकी ने कहा कि युवाओं की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विरुद्ध युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है, और यही युवा आने वाले समय में देश में बड़े बदलाव की भूमिका निभाएंगे।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और इंडिया गठबंधन का समन्वय
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर चल रहे विरोध पर सिद्दीकी ने कहा कि यह एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा है, जिसे राजनीतिक श्रेय लेने का अवसर नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभिजीत दिपके ने यह मुद्दा उठाया है और सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर इसका समर्थन करना चाहिए। RSS नेता इंद्रेश कुमार के इंडिया गठबंधन और मुस्लिम नेताओं से जुड़े बयान पर सिद्दीकी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के विषयों पर टिप्पणी करने से बेहतर है कि वे अपने संगठन के कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें।
इंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी (SP) और आम आदमी पार्टी (AAP) की बैठकों से गैर-मौजूदगी के सवाल पर सिद्दीकी ने कहा कि किसी भी परिवार में भी हर मुद्दे पर पूरी सहमति नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटक दलों के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन BJP को सत्ता से हटाने के लक्ष्य पर सभी एकमत हैं और चुनाव के वक्त गठबंधन का तालमेल स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
गौरतलब है कि UCC और छात्र आंदोलन के मुद्दों पर विपक्ष का स्वर तीखा होता जा रहा है, और आने वाले महीनों में यह बहस और तेज़ होने की संभावना है।