गुजरात यूसीसी को राष्ट्रपति की मंजूरी पर वीएचपी का स्वागत, पूरे देश में लागू करने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने 2 अक्टूबर 2026 को गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने का स्वागत करते हुए माँग की कि यह संहिता केवल एक राज्य तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे देश में समान रूप से लागू की जाए। नायर ने कहा कि इस मंजूरी के बाद गुजरात में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और महिलाओं के अधिकार एवं सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
यूसीसी पर वीएचपी का रुख
श्रीराज नायर ने स्पष्ट किया कि एक ही राज्य में रहने वाले नागरिकों के लिए अलग-अलग कानूनी व्यवस्था उचित नहीं है। उनके अनुसार, समान नागरिक संहिता से विभिन्न समुदायों के लिए प्रचलित पृथक कानूनी प्रावधानों की जगह एकसमान कानून की व्यवस्था स्थापित होगी, जिससे विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी। वीएचपी की माँग है कि यूसीसी को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाए।
चुनाव आयोग और एसआईआर पर विपक्ष के आरोप
चुनाव आयोग और विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर नायर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्षी दलों को 'अंपायर को दोष देने' की बजाय अपनी कार्यशैली पर आत्मचिंतन करना चाहिए। नायर ने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्षी दल लंबे समय से कई राज्यों में सत्ता से बाहर हैं और एसआईआर को चुनावी पराजय का कारण बताना तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने एसआईआर का बचाव करते हुए कहा कि मतदाता सूची की यह समीक्षा प्रक्रिया उसे व्यवस्थित और शुद्ध बनाने के लिए है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनी हुई सरकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
जंतर-मंतर और शिवाजी पार्क प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क में विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन पर वीएचपी प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है। हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व प्रदर्शन की आड़ में एकतरफा और सरकार-विरोधी माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। नायर ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ व्यक्तियों के प्रदर्शन को संपूर्ण समाज या वीएचपी का प्रतिनिधित्व नहीं माना जाना चाहिए।
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए नायर ने कहा कि कैप्टन स्मित ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में यात्रियों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनसे संवाद करना इस बहादुरी की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना का प्रतीक है। वीएचपी ने कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार को शुभकामनाएँ दी हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब यूसीसी को लेकर राष्ट्रीय बहस एक बार फिर तेज हो गई है — उत्तराखंड के बाद गुजरात दूसरा राज्य बन गया है जहाँ इस संहिता को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली है। आने वाले हफ्तों में गुजरात में यूसीसी के क्रियान्वयन की दिशा और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी राजनीतिक गूँज तय करेगी कि यह बहस किस मोड़ पर जाती है।