एनसीआर में भीषण हीट वेव: 43°C तापमान, 26 अप्रैल से बारिश देगी राहत
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) इन दिनों भीषण हीट वेव की चपेट में है, जहां 24 और 25 अप्रैल को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव शुरू होगा और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश तापमान को नीचे लाने में मदद करेगी।
तापमान का हाल और आगामी पूर्वानुमान
24 अप्रैल को एनसीआर में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 25 अप्रैल को भी यही स्थिति बने रहने का अनुमान है, जब अधिकतम 43°C और न्यूनतम 26°C रहने की संभावना है।
दोपहर और शाम के समय तेज गर्म हवाएं चलने से हीट वेव की स्थिति और अधिक कष्टकारी हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
26 अप्रैल से मौसम में हल्की राहत के संकेत हैं। इस दिन अधिकतम तापमान गिरकर 42 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश भी संभव है।
27 से 29 अप्रैल के बीच तापमान 41 से 42 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। IMD ने इन दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है, जो कुछ हद तक राहत की बात है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की चिंताजनक स्थिति
तेज गर्मी के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी एनसीआर वासियों के लिए दोहरी मुसीबत बना हुआ है। दिल्ली के आनंद विहार में AQI 318 दर्ज किया गया, जो रेड जोन में आता है।
गाजियाबाद के लोनी में AQI 361 और वेद विहार-लोनी में 353 दर्ज हुआ — ये दोनों आंकड़े बेहद खराब श्रेणी को दर्शाते हैं। इसके अलावा संजय नगर (293), इंदिरापुरम (272) और गोविंदपुरम (238) में AQI ऑरेंज जोन में बना हुआ है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में AQI 318 (रेड जोन) और नॉलेज पार्क-3 में 235 (ऑरेंज जोन) दर्ज किया गया। दिल्ली के अशोक विहार (219), चांदनी चौक (210), सीआरआरआई मथुरा रोड (194) और बुराड़ी क्रॉसिंग (179) में भी हवा की गुणवत्ता असंतोषजनक बनी हुई है।
गर्मी और प्रदूषण का दोहरा संकट — व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि अप्रैल 2024 में भी एनसीआर में इसी तरह की स्थिति देखी गई थी, जब कई दिनों तक तापमान 43-44°C के पार चला गया था। जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में हीट वेव की अवधि और तीव्रता दोनों पिछले एक दशक में बढ़ी है, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का संकेत देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, धूल भरी तेज हवाएं AQI को और अधिक खराब करती हैं, क्योंकि राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उड़ने वाली धूल सीधे एनसीआर में आती है। यह स्थिति श्वास रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी सलाह
विशेषज्ञों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पीना जरूरी है।
संवेदनशील लोगों — जैसे बुजुर्ग, बच्चे और सांस की बीमारी से पीड़ित — को बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी गई है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और सिर को ढककर रखना भी जरूरी बताया गया है।
आने वाले दिनों में 26 अप्रैल के बाद हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही से न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि वायु प्रदूषण में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग की नजर अगले सप्ताह के मौसम पर भी बनी हुई है।