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क्या एनसीआर में सीजन का पहला घना कोहरा और प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी?

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क्या एनसीआर में सीजन का पहला घना कोहरा और प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी?

सारांश

एनसीआर में सीजन का पहला घना कोहरा छाया है। प्रदूषण के चलते स्थिति गंभीर हो गई है। क्या हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है?

मुख्य बातें

एनसीआर में सर्दियों का पहला कोहरा छाया है।
वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह का पालन करें।
दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।
ठंड बढ़ने की संभावना है।

नोएडा, १३ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सर्दियों के आगमन के साथ-साथ सीजन का पहला घना कोहरा छा गया है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद समेत संपूर्ण एनसीआर में सुबह और रात के समय दृश्यता में भारी कमी आई है, जिससे आम जनजीवन और यातायात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान के साथ-साथ न्यूनतम तापमान में गिरावट की उम्मीद की जा रही है, जिससे ठंड बढ़ने की संभावना है। १३ दिसंबर को अधिकतम तापमान लगभग २३ डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम ११ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम पूर्वानुमान में मध्यम कोहरे की आशंका जताई गई है। इसी प्रकार, १४ दिसंबर को अधिकतम तापमान २४ डिग्री और न्यूनतम ११ डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। १५ दिसंबर को तापमान में और गिरावट के संकेत हैं, जब अधिकतम तापमान २३ डिग्री और न्यूनतम ९ डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। हालांकि, कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन कोहरे के कारण सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

इस बीच, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ३८७ दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। यह स्तर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है। पिछले सप्ताह प्रदूषण में निरंतर वृद्धि देखी गई है।

मंगलवार को एक्यूआई २८२, बुधवार को २५९, गुरुवार को ३०७ और शुक्रवार को ३४९ दर्ज किया गया, जो शनिवार को बढ़कर गंभीर स्थिति के करीब पहुँच गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के १८ इलाकों में एक्यूआई ४०० के पार पहुँच गया है, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है।

वजीरपुर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बना, जहाँ एक्यूआई ४४३ दर्ज किया गया। इसके बाद जहाँगीरपुरी (४३९), विवेक विहार (४३७), रोहिणी और आनंद विहार (४३४), अशोक विहार (४३१), सोनिया विहार और डीटीयू (४२७), नरेला (४२५), बवाना (४२४), नेहरू नगर (४२१), पटपड़गंज (४१९), आईटीओ (४१७), पंजाबी बाग (४१६), मुंडका (४१५), बुराड़ी क्रॉसिंग (४१३), चांदनी चौक (४१२) और डीयू नॉर्थ कैंपस (४०१) शामिल हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें, मास्क का उपयोग करें और ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने के साथ यदि हवा की गति कम रही, तो प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण और कोहरा आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीआर में कोहरा क्यों बढ़ रहा है?
एनसीआर में कोहरा सर्दियों के मौसम और प्रदूषण के कारण बढ़ रहा है।
क्या प्रदूषण का स्तर खतरनाक है?
हाँ, प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ अनावश्यक बाहर जाने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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