नेपाल, भारत और श्रीलंका से जुड़े ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश: 77.60 किलो हैशिश ऑयल और 2 किलो चरस जब्त
सारांश
Key Takeaways
- 77.60 किलोग्राम हैशिश ऑयल और 2 किलोग्राम चरस जब्त
- पांच लोग गिरफ्तार, जिसमें एक श्रीलंकाई शरणार्थी
- अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश
- जांच एजेंसियों द्वारा आगे की कार्रवाई जारी
- प्रधानमंत्री के ड्रग-फ्री इंडिया के विजन के तहत कार्रवाई
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक विशाल अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 77.60 किलोग्राम हैशिश ऑयल और 2 किलोग्राम चरस जब्त की। जब्त किए गए मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस कार्रवाई में दो कारें, एक मोटरसाइकिल और एक मछली पकड़ने वाली नाव भी बरामद की गई हैं। इस मामले में अब तक एक श्रीलंकाई शरणार्थी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रग-फ्री इंडिया के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के तहत की गई है। एनसीबी के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई चेन्नई जोनल यूनिट और हैदराबाद जोनल यूनिट के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई। जांच में पता चला कि यह नेटवर्क नेपाल, भारत और श्रीलंका के बीच सक्रिय था और बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था।
खुफिया जानकारी के आधार पर, एनसीबी की हैदराबाद टीम ने 3 मार्च को तेलंगाना में बेंगलुरु-हैदराबाद हाईवे पर रायकल टोल प्लाजा के पास एक टाटा सफारी स्टॉर्म कार को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खांचों से 2 किलोग्राम चरस बरामद की गई। इस मामले में दिल्ली के एक निवासी और उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि यह चरस और लगभग 78 किलोग्राम हैशिश ऑयल नेपाल के काठमांडू से भारत लाई गई थी। यह खेप सोनाौली भारत-नेपाल सीमा के जरिए भारत में लाई गई थी। गिरफ्तार तस्करों ने पहले ही 78 किलो हैशिश ऑयल को तमिलनाडु के थूथुकुडी में पहुंचा दिया था, जहां से इसे समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की योजना बनाई गई थी।
जैसे ही यह जानकारी सामने आई, एनसीबी की चेन्नई टीम सक्रिय हो गई। टीम ने थूथुकुडी में छापेमारी कर लगभग 78 किलो हैशिश ऑयल तीन लोगों के कब्जे से बरामद किया। इनमें एक श्रीलंकाई शरणार्थी भी शामिल है। इस कार्रवाई के साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, तस्करों ने मादक पदार्थों की खेप को थूथुकुडी के समुद्री तट से मछली पकड़ने वाली नाव के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास ले जाकर श्रीलंका के एक रिसीवर को सौंपने की योजना बनाई थी। इस योजना को नाकाम करने के लिए एनसीबी ने भारतीय तटरक्षक बल की मदद से कार्रवाई की और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के पास संदिग्ध मछली पकड़ने वाली नाव को जब्त कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि जब्त किए गए मादक पदार्थों का अंतिम रिसीवर श्रीलंका में रहने वाला एक श्रीलंकाई नागरिक था, जिसने इस पूरे नेटवर्क को वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ नेपाल से श्रीलंका तक तस्करी की योजना का समन्वय किया था। एनसीबी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने, वित्तीय लेन-देन का पता लगाने और पूरे अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह को समाप्त करने के लिए काम कर रही हैं।
एनसीबी के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत से अब तक चेन्नई जोनल यूनिट ने 973.35 किलो गांजा, 87.64 किलो हैशिश ऑयल और 1.045 किलो एम्फेटामाइन जब्त किया है। इन मामलों में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जब्त मादक पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 12.5 करोड़ रुपए है।
इसके अलावा, एनसीबी चेन्नई द्वारा जांच किए गए पुराने मामलों में इस वर्ष तीन मामलों में सफल अभियोजन हुआ है, जिसमें कुल 8 आरोपियों को अदालत से सजा भी हो चुकी है। एनसीबी ने कहा कि यह कार्रवाई एक बार फिर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने की दिशा में एजेंसी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।