क्या नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन प्रेरणादायी है?
सारांश
Key Takeaways
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन प्रेरणादायी है।
- उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।
- उन्होंने राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया।
- सिद्धि बाला बोस पुस्तकालय संघ का शताब्दी समारोह महत्वपूर्ण है।
- उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया है।
जबलपुर, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नेताजी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा आज भी हमें प्रेरित करता है।
जबलपुर में सिद्धि बाला बोस पुस्तकालय संघ के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में सीएम यादव ने प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि यह दिन कई कारणों से गर्व का है। आज विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पावन दिवस है। ऋतुओं के राजा बसंत पंचमी के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं। साथ ही, आज महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नेताजी का जीवन देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” जैसा ओजस्वी नारा आज भी राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करता है और युवाओं में त्याग एवं समर्पण की चेतना पैदा करता है।
जबलपुर में सिद्धि बाला बोस पुस्तकालय संघ के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि यह दिन अनेक दृष्टियों से अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पावन दिवस है और ऋतुओं के राजा बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आज का दिन इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसी दिन महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जाती है। नेताजी का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नेताजी का वह अमर उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा”, पूरे देश को आज भी आंदोलित करता है।
उन्होंने कहा कि धौलपुर स्टोन से निर्मित 11 फुट ऊँचे स्मारक का लोकार्पण किया गया है, जो बंगाली समुदाय की कला, साहित्य, धर्म, भाषा एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ 100 वर्षों की गौरव गाथा को समर्पित है। सिटी बंगाली क्लब के नाम से प्रसिद्ध यह लाइब्रेरी एसोसिएशन कला, साहित्य, परंपरा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रही है। इस क्लब की ऐतिहासिक महत्ता का प्रमाण यह है कि स्वयं नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी यहां पधारे थे। हमें इस प्रतिष्ठित क्लब और मध्य प्रदेश की इस गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत पर गर्व है।
उन्होंने आगे कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 8 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। यह प्रतिमा नेताजी की वीरता, साहस और अद्वितीय शौर्य गाथा से हम सभी को प्रेरणा प्रदान करेगी।
राज्य के मुख्यमंत्री यादव शुक्रवार को ही दावोस में आयोजित वल्र्ड इकोनोमिक फोरम 2026 में हिस्सा लेकर लौटे और उनका जबलपुर आगमन हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा सहित राज्य सरकार के मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।