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क्या एनआईए ने हिज़्ब-उत-तहरीर के तीन आतंकवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया?

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क्या एनआईए ने हिज़्ब-उत-तहरीर के तीन आतंकवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया?

सारांश

एनआईए ने हिज़्ब-उत-तहरीर के तीन आतंकवादियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है, जिन पर भारत में इस्लामी खिलाफत की स्थापना का आरोप है। यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्य बातें

एनआईए ने एचयूटी के तीन आतंकवादियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
आरोपियों ने भारत में इस्लामी खिलाफत की स्थापना का प्रयास किया।
इनकी योजनाओं में विदेशी समर्थन जुटाना शामिल था।
एनआईए की जांच में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की जानकारी सामने आई।
भारत सरकार ने एचयूटी पर प्रतिबंध लगाया है।

नई दिल्ली, १ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित आतंकवादी समूह हिज़्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) के तीन सदस्यों के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया है।

इन पर संगठन की विचारधारा को फैलाने और विदेशी स्रोतों से धन जुटाकर आतंकवादी कार्रवाइयों को अंजाम देने की योजना बनाने का आरोप है।

आरोपियों में कबीर अहमद अलियार (उर्फ कबीर अहमद), अज़ीज़ अहमद (उर्फ जलील अज़ीज़ अहमद) और बावा बहरुदीन (उर्फ मन्नाई बावा) शामिल हैं। इन्होंने भारत विरोधी ताकतों से सैन्य सहायता प्राप्त करने और एचयूटी के संस्थापक तकी अल-दीन अल-नभानी द्वारा लिखित संविधान को लागू करने की योजना बनाई थी।

इनका उद्देश्य भारत में इस्लामी खिलाफत की स्थापना करना था। जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपियों ने हज और उमराह यात्रियों के माध्यम से पाकिस्तानी सेना से सहायता प्राप्त करने की भी कोशिश की थी। एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग एचयूटी की गुप्त कक्षाओं में युवाओं की भर्ती कर रहे थे।

इन कक्षाओं में कमजोर युवाओं को संगठन की कट्टरपंथी सोच से जोड़ा गया। यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले साल अक्टूबर में भारत सरकार ने एचयूटी और इसके सभी स्वरूपों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

आरोपियों ने ईरान, तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देशों की सैन्य ताकत को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी भी आयोजित की थी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य लोगों को हिंसक जिहाद और युद्ध के माध्यम से भारत सरकार को हटाने के लिए प्रेरित करना था। एनआईए ने कहा है कि यह मामला अभी भी जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

एजेंसी इस साजिश के अन्य पहलुओं और संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। यह कार्रवाई देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां ऐसी आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखी हुई हैं और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम देश की सुरक्षा और शांति को बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों पर ध्यान दें। एनआईए की यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, और हमें चाहिए कि हम इस दिशा में आगे बढ़ें।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने किस संगठन के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया?
एनआईए ने हिज़्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।
आरोपियों के नाम क्या हैं?
आरोपियों के नाम कबीर अहमद अलियार, अज़ीज़ अहमद और बावा बहरुदीन हैं।
इन आतंकवादियों का मकसद क्या था?
इनका मकसद भारत में इस्लामी खिलाफत की स्थापना करना था।
एनआईए की जांच में क्या खुलासा हुआ है?
एनआईए की जांच में पता चला है कि ये लोग युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
क्या भारत सरकार ने एचयूटी पर प्रतिबंध लगाया है?
हाँ, भारत सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में एचयूटी और इसके सभी स्वरूपों पर प्रतिबंध लगाया था।
राष्ट्र प्रेस
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